Uttarakhand उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बद्रीनाथ धाम के पास स्थित माणा गांव के विकास को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जो गांव पहले “भारत का अंतिम गांव” कहलाता था, आज वह तेजी से विकास कर “पहला गांव” बन चुका है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के माणा गांव दौरे के बाद इस क्षेत्र में विकास की गति तेज हुई है। प्रधानमंत्री ने यहां की मातृशक्ति से संवाद किया था और गांव को “अंतिम” के बजाय “पहला गांव” का दर्जा दिया था।
धामी ने बताया कि माणा गांव में महिलाओं की भागीदारी विकास की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है। उन्होंने कहा कि यहां की महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर विभिन्न उत्पाद तैयार कर रही हैं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। “आज इस गांव की बहनें शत-प्रतिशत ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं, जो पूरे देश के लिए एक उदाहरण है,” उन्होंने कहा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है और
माणा
गांव इसका जीवंत उदाहरण है। सड़क, संचार, पर्यटन और आजीविका के क्षेत्रों में लगातार काम किया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सुधार आया है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य सीमावर्ती गांवों को सशक्त बनाना है, ताकि पलायन रुके और स्थानीय लोगों को अपने ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिल सकें।
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