नई दिल्ली/देहरादून: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। कार्यक्रम की शुरुआत उन्होंने उत्तराखंड के 83 वर्षीय पूर्णिमा रावत और हरदेव सिंह राणा का जिक्र करते हुए की। प्रधानमंत्री ने गांवों में हो रहे बदलाव, डिजिटल जागरुकता और स्थानीय स्तर पर किए जा रहे प्रयासों को देश के लिए प्रेरणादायक बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड के इन ग्रामीणों के प्रयासों को उदाहरण के तौर पर पेश करते हुए बताया कि कैसे छोटे-छोटे बदलाव गांवों के विकास में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती डिजिटल समझ और तकनीक के इस्तेमाल को सकारात्मक परिवर्तन का संकेत बताया।

उत्तराखंड के प्रयासों की पीएम ने की सराहना

मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे बदलावों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि किस तरह स्थानीय लोग नई सोच और तकनीक के माध्यम से अपने गांवों में बदलाव ला रहे हैं।

पूर्णिमा रावत और हरदेव सिंह राणा का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने ग्रामीण विकास और डिजिटल जागरुकता के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में ऐसे प्रयास समाज को नई दिशा दे रहे हैं।

डिजिटल जागरुकता से बदल रही गांवों की तस्वीर

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में डिजिटल तकनीक की बढ़ती भूमिका पर भी चर्चा की। आज ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट और डिजिटल माध्यमों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। इससे लोगों को सरकारी योजनाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी जानकारियां आसानी से मिल रही हैं।

उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में डिजिटल कनेक्टिविटी को ग्रामीण विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोग भी अब तकनीक के माध्यम से नई सुविधाओं से जुड़ रहे हैं।

मन की बात में कई बार हो चुका है उत्तराखंड का जिक्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में उत्तराखंड का जिक्र पहले भी कई बार हो चुका है। राज्य की संस्कृति, परंपराओं, पर्यटन स्थलों और स्थानीय उत्पादों को लेकर प्रधानमंत्री समय-समय पर चर्चा कर चुके हैं।

बताया जाता है कि मन की बात कार्यक्रम में उत्तराखंड का उल्लेख 12 से अधिक बार हो चुका है। प्रधानमंत्री ने कई मौकों पर राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक स्थलों और पर्यटन संभावनाओं को देश के सामने रखा है।

संस्कृति और पर्यटन को मिला बढ़ावा

उत्तराखंड अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। प्रधानमंत्री मोदी ने कई बार राज्य के पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने की बात कही है।

चारधाम यात्रा, पहाड़ी संस्कृति, स्थानीय उत्पाद और पारंपरिक जीवनशैली को लेकर भी प्रधानमंत्री ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। इससे राज्य के पर्यटन को नई पहचान मिलने की उम्मीद जताई जाती रही है।

गांवों के विकास पर जोर

मन की बात के माध्यम से प्रधानमंत्री अक्सर देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे सकारात्मक बदलावों को सामने रखते हैं। उनका उद्देश्य ऐसे लोगों और प्रयासों को पहचान देना होता है, जो समाज में बेहतर बदलाव लाने की कोशिश कर रहे हैं।

उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई लोग स्वरोजगार, पर्यावरण संरक्षण और डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल के जरिए नई पहल कर रहे हैं।

स्थानीय प्रयासों से मजबूत हो रहा आत्मनिर्भर गांव का विचार

ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर किए जा रहे प्रयास आत्मनिर्भर गांव की सोच को मजबूत कर रहे हैं। डिजिटल सुविधाओं के विस्तार से ग्रामीणों को नए अवसर मिल रहे हैं।

उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में जहां भौगोलिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं, वहां तकनीक और स्थानीय पहल विकास की नई संभावनाएं तैयार कर रही हैं।

उत्तराखंड के लिए गौरव का पल

प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में राज्य के लोगों का उल्लेख होना उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है। राज्य के लोगों ने प्रधानमंत्री के संबोधन को ग्रामीण प्रयासों की पहचान के रूप में देखा।

पूर्णिमा रावत और हरदेव सिंह राणा के उदाहरण के जरिए प्रधानमंत्री ने यह संदेश दिया कि समाज में बदलाव लाने के लिए बड़े संसाधनों से ज्यादा जरूरी है सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयास।

फिलहाल ‘मन की बात’ में उत्तराखंड का यह उल्लेख राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीण विकास, डिजिटल जागरुकता और स्थानीय पहल को लेकर प्रधानमंत्री का संदेश देशभर में पहुंचा है।

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