देहरादून: उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने पहाड़ों की यात्रा और ट्रैकिंग अभियान पर ब्रेक लगा दिया है। खराब मौसम और मौसम विभाग के हाई अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने कई धार्मिक यात्राओं और ट्रैकिंग रूट पर आवाजाही रोक दी है। रविवार को प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में 15 हजार से ज्यादा तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया।

बारिश के कारण कई पहाड़ी रास्तों पर खतरा बढ़ गया है। कालिंदी ट्रैक समेत कई स्थानों पर पर्यटकों के फंसे होने की सूचना के बाद प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय बचाव दलों को तैनात किया गया है।

केदारनाथ से 1200 यात्रियों का रेस्क्यू

भारी बारिश और खराब मौसम के बीच केदारनाथ यात्रा प्रभावित हुई है। प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए यात्रा को रविवार को पूरी तरह बंद रखा। वहीं, केदारनाथ क्षेत्र में फंसे करीब 1200 यात्रियों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है।

बचाव अभियान को तेज करने के लिए छह हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं। प्रशासन की ओर से संभावित रेस्क्यू प्वाइंट की पहचान कर वहां हेलीपैड तैयार किए जा रहे हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

कालिंदी ट्रैक पर फंसे पर्यटकों को निकालने की कोशिश

उत्तराखंड के कई दुर्गम इलाकों में बारिश के कारण हालात चुनौतीपूर्ण हो गए हैं। कालिंदी ट्रैक समेत अन्य ट्रैकिंग मार्गों पर फंसे पर्यटकों को सुरक्षित निकालने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।

पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदलता है, जिससे बचाव कार्यों में भी मुश्किलें आ रही हैं। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत के अनुसार रेस्क्यू टीमों को अलग-अलग स्थानों पर भेजा जा रहा है।

हेमकुंड साहिब और फूलों की घाटी जाने पर रोक

मौसम के बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन ने हेमकुंड साहिब और फूलों की घाटी जाने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगा दी है।

अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सबसे प्राथमिकता है। मौसम में सुधार और हालात सामान्य होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू करने पर फैसला लिया जाएगा।

एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात

आपदा जैसी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने राहत और बचाव एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें संवेदनशील इलाकों में तैनात की गई हैं।

इसके अलावा स्थानीय प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।

यात्रियों से सतर्क रहने की अपील

प्रशासन ने तीर्थयात्रियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए यात्रा की योजना बनाएं और जोखिम वाले इलाकों में जाने से बचें।

पहाड़ों में भारी बारिश के दौरान सड़कें बंद होने, भूस्खलन और अचानक जलस्तर बढ़ने जैसी समस्याएं सामने आती हैं। ऐसे में प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

यात्रा पर पड़ा व्यापक असर

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा और पर्यटन गतिविधियों पर खराब मौसम का सीधा असर पड़ा है। कई जगहों पर यात्रियों को रोक दिया गया है, जबकि कुछ स्थानों पर आवाजाही सीमित कर दी गई है।

फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान फंसे हुए यात्रियों को सुरक्षित निकालने और मौसम की स्थिति पर नजर रखने पर है। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं। मौसम में सुधार के बाद ही धार्मिक यात्राओं और ट्रैकिंग गतिविधियों को दोबारा शुरू किया जाएगा।

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