वाराणसी। सिगरा थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते युवक की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में दो बाल अपचारियों समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपितों ने मृतक इशु कन्नौजिया की चापड़ से गला काटकर हत्या की थी। हत्या के बाद शव को ठिकाने लगा दिया गया था। पुलिस ने आरोपितों की निशानदेही पर मृतक का शव और वारदात में इस्तेमाल किया गया चापड़ बरामद कर लिया है।

पुलिस के अनुसार, मृतक और आरोपितों के बीच काफी समय से पुरानी रंजिश चली आ रही थी। इसी विवाद के कारण आरोपितों ने इशु की हत्या की साजिश रची। पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपितों ने आपसी योजना के बाद वारदात को अंजाम दिया और हत्या के बाद शव को छिपाने का प्रयास किया।

21 अगस्त को हुई गिरफ्तारी

पुलिस ने तीनों आरोपितों को 21 अगस्त 2026 को पहलवान वीर बाबा मंदिर के सामने रेलवे लाइन की बाउंड्री के पास से गिरफ्तार किया। पुलिस को सूचना मिली थी कि हत्या के मामले से जुड़े आरोपित इलाके में मौजूद हैं। इसके बाद सिगरा थाना पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों को पकड़ लिया।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपितों से पूछताछ की। पूछताछ में पुरानी रंजिश और हत्या की साजिश से जुड़ी जानकारी सामने आई। पुलिस के अनुसार, आरोपितों ने इशु कन्नौजिया की हत्या किए जाने की बात स्वीकार की।

चापड़ से गला काटकर हत्या का आरोप

पुलिस के मुताबिक, आरोपितों ने इशु को निशाना बनाकर उसकी हत्या की। वारदात में चापड़ का इस्तेमाल किया गया और उसका गला काट दिया गया। हत्या के बाद आरोपितों ने शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की।

मामले की जांच के दौरान पुलिस लगातार घटनास्थल, आरोपितों की गतिविधियों और उनके आपसी संबंधों की जानकारी जुटा रही थी। पूछताछ के बाद पुलिस आरोपितों की निशानदेही पर उस स्थान तक पहुंची, जहां शव छिपाया गया था।

पुलिस ने शव बरामद करने के साथ ही हत्या में इस्तेमाल चापड़ भी बरामद कर लिया। बरामदगी को मामले की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।

पुरानी रंजिश बनी हत्या की वजह

प्रारंभिक पुलिस जांच में हत्या के पीछे पुरानी रंजिश सामने आई है। बताया जा रहा है कि इशु कन्नौजिया और आरोपितों के बीच पहले से विवाद था। समय के साथ यह रंजिश इतनी बढ़ गई कि आरोपितों ने उसकी हत्या की योजना बना डाली।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मृतक और आरोपितों के बीच पुराना विवाद किस बात को लेकर था और हत्या की साजिश कब और कहां तैयार की गई। इसके अलावा पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वारदात में तीनों की भूमिका क्या थी और हत्या की योजना में अन्य किसी व्यक्ति की भी संलिप्तता थी या नहीं।

शव बरामद होने के बाद जांच में तेजी

हत्या के बाद शव बरामद नहीं होने के कारण मामले की जांच पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई थी। आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद उनकी निशानदेही पर शव मिलने से जांच को महत्वपूर्ण दिशा मिली है।

पुलिस ने बरामद चापड़ को भी कब्जे में ले लिया है। हत्या में प्रयुक्त हथियार को फोरेंसिक जांच के लिए भेजे जाने की प्रक्रिया की जा सकती है। पुलिस वारदात से जुड़े अन्य भौतिक साक्ष्य भी जुटा रही है।

शव की बरामदगी के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत के कारण और चोटों की प्रकृति के संबंध में भी स्थिति और स्पष्ट होगी।

दो बाल अपचारियों की भूमिका की जांच

इस मामले में दो बाल अपचारियों की गिरफ्तारी भी हुई है। चूंकि दोनों की उम्र कानूनी रूप से बाल अपचारी की श्रेणी में आती है, इसलिए उनके संबंध में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। पुलिस ने दोनों की भूमिका और वारदात में उनकी कथित भागीदारी के बारे में जानकारी जुटाई है।

तीसरे आरोपित से भी पुलिस पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि हत्या की योजना में किसने क्या भूमिका निभाई और वारदात के बाद शव को छिपाने में किन लोगों ने मदद की।

पुलिस ने किया मामले के खुलासे का दावा

सिगरा पुलिस का कहना है कि मामले में आरोपितों की गिरफ्तारी और उनकी निशानदेही पर शव व हत्या में प्रयुक्त चापड़ बरामद कर लिया गया है। इससे हत्या की गुत्थी सुलझाने में पुलिस को सफलता मिली है।

हालांकि, पुलिस जांच अभी पूरी नहीं हुई है। मामले में उपलब्ध साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आरोपितों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी सुनिश्चित करने में जुटी है कि हत्या से जुड़े सभी तथ्यों को जांच के दायरे में लाया जाए।

पुरानी रंजिश के चलते हुई इस हत्या ने इलाके में सनसनी फैला दी है। पुलिस की कार्रवाई के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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