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काशी के होमस्टे को डिजिटल बूस्ट, ऑनलाइन बुकिंग बढ़ाने की ट्रेनिंग

वाराणसी। धर्म और संस्कृति की नगरी काशी में बढ़ते पर्यटन को देखते हुए स्थानीय होमस्टे और बेड एंड ब्रेकफास्ट (बीएंडबी) इकाइयों को डिजिटल प्लेटफार्म से जोड़ने की दिशा में पहल तेज हो गई है। इसी क्रम में शनिवार को होटल क्लार्क्स में एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें होमस्टे और बीएंडबी संचालकों के साथ पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों को डिजिटल माध्यमों के प्रभावी इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पर्यटन सुविधाओं को अधिक से अधिक यात्रियों तक पहुंचाना और संचालकों को ऑनलाइन कारोबार के नए अवसरों से जोड़ना रहा। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को ऑनलाइन प्रचार, डिजिटल मार्केटिंग, संपत्ति की ऑनलाइन लिस्टिंग और बुकिंग बढ़ाने के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
ऑनलाइन प्रचार को बताया कारोबार बढ़ाने का प्रभावी माध्यम
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि मौजूदा समय में पर्यटक यात्रा की योजना बनाने से लेकर ठहरने की जगह चुनने और बुकिंग करने तक डिजिटल प्लेटफार्म का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में होमस्टे और बीएंडबी संचालकों के लिए अपनी संपत्ति को ऑनलाइन प्लेटफार्म पर प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करना बेहद जरूरी हो गया है।
संचालकों को बताया गया कि अपनी संपत्ति की अच्छी तस्वीरें, कमरों और सुविधाओं की स्पष्ट जानकारी, सही लोकेशन, उपलब्ध सेवाओं और संपर्क संबंधी विवरण ऑनलाइन उपलब्ध कराने से संभावित पर्यटकों को निर्णय लेने में आसानी होती है।
इसके साथ ही डिजिटल मार्केटिंग के जरिए किसी खास क्षेत्र, पर्यटन स्थल या पर्यटकों की जरूरत के अनुसार प्रचार अभियान चलाने की जानकारी भी दी गई।
ऑनलाइन लिस्टिंग पर दिया गया जोर
कार्यशाला में प्रॉपर्टी की ऑनलाइन लिस्टिंग को विशेष महत्व दिया गया। संचालकों को बताया गया कि जब किसी होमस्टे या बीएंडबी की जानकारी ऑनलाइन आसानी से उपलब्ध होती है तो देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए उसे तलाशना और बुक करना आसान हो जाता है।
संचालकों को अपनी संपत्ति की जानकारी नियमित रूप से अपडेट रखने की सलाह दी गई। कमरों की उपलब्धता, किराया, सुविधाएं और अन्य जरूरी जानकारियां सही तरीके से दर्ज करने पर जोर दिया गया, ताकि पर्यटकों को बुकिंग के समय किसी प्रकार की परेशानी न हो।
ऑनलाइन प्लेटफार्म पर ग्राहकों की प्रतिक्रिया और रिव्यू के महत्व के बारे में भी प्रतिभागियों को जानकारी दी गई। बताया गया कि अच्छी सेवा और सकारात्मक ग्राहक अनुभव से ऑनलाइन प्रतिष्ठा मजबूत होती है और भविष्य में अधिक बुकिंग मिलने की संभावना बढ़ती है।
छोटे संचालकों के लिए नए अवसर
काशी में बड़ी संख्या में पर्यटक धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर संचालित होमस्टे और बीएंडबी पर्यटकों को होटल के अलावा ठहरने का वैकल्पिक विकल्प उपलब्ध कराते हैं।
डिजिटल प्लेटफार्म से जुड़ने के बाद इन छोटी इकाइयों के संचालक भी बड़े बाजार तक अपनी पहुंच बना सकते हैं। पहले जिन पर्यटकों तक स्थानीय संचालक सीधे नहीं पहुंच पाते थे, अब ऑनलाइन माध्यम से उन्हें अपनी सेवाओं की जानकारी देना आसान हो सकता है।
कार्यशाला में इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए संचालकों को डिजिटल तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
पर्यटकों तक पहुंच बढ़ाने पर जोर
प्रशिक्षण के दौरान संचालकों को बताया गया कि केवल ऑनलाइन मौजूदगी पर्याप्त नहीं है, बल्कि डिजिटल माध्यमों का लगातार और प्रभावी इस्तेमाल भी जरूरी है। सोशल मीडिया, ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफार्म और डिजिटल प्रचार के जरिए अपनी संपत्ति को संभावित ग्राहकों तक पहुंचाने के तरीकों पर चर्चा की गई।
इसके अलावा पर्यटकों की बदलती पसंद के अनुरूप सुविधाओं और सेवाओं को प्रस्तुत करने की जरूरत पर भी जोर दिया गया। स्थानीय संस्कृति, खान-पान और आसपास के प्रमुख पर्यटन स्थलों से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने को भी होमस्टे कारोबार के लिए उपयोगी बताया गया।
पर्यटन मंत्रालय और प्रशासन के अधिकारी रहे मौजूद
कार्यशाला में पर्यटन मंत्रालय, उत्तर प्रदेश पर्यटन और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने पर्यटन क्षेत्र में डिजिटल माध्यमों की बढ़ती भूमिका और स्थानीय पर्यटन कारोबारियों के लिए उपलब्ध अवसरों पर चर्चा की।
अधिकारियों का कहना था कि काशी में पर्यटन की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों से ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक यहां आते हैं। ऐसे में स्थानीय आवास इकाइयों को बेहतर तरीके से डिजिटल प्लेटफार्म पर उपलब्ध कराना पर्यटन व्यवस्था को और मजबूत कर सकता है।
काशी के पर्यटन कारोबार को मिलेगा लाभ
काशी लंबे समय से धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र रही है। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर, गंगा घाट, सारनाथ और शहर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर्यटकों को आकर्षित करती है। पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि के साथ यहां ठहरने की सुविधाओं की मांग भी बढ़ रही है।
ऐसे में स्थानीय होमस्टे और बीएंडबी इकाइयों को डिजिटल प्लेटफार्म से जोड़ने की पहल से पर्यटकों को अधिक विकल्प मिल सकते हैं। साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
डिजिटल बदलाव से बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा
कार्यशाला के माध्यम से संचालकों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि पर्यटन कारोबार अब केवल पारंपरिक प्रचार तक सीमित नहीं है। ऑनलाइन खोज, डिजिटल बुकिंग, सोशल मीडिया और ग्राहक रिव्यू पर्यटकों के फैसले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
यदि स्थानीय होमस्टे और बीएंडबी संचालक इन माध्यमों का प्रभावी उपयोग करते हैं तो वे बड़े होटल और अन्य आवासीय सुविधाओं के साथ बेहतर प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।
कार्यशाला में मिले प्रशिक्षण के बाद संचालकों को उम्मीद है कि वे अपनी संपत्तियों का ऑनलाइन प्रचार बेहतर तरीके से कर सकेंगे और देश-विदेश के अधिक पर्यटकों तक पहुंच बना पाएंगे। इससे वाराणसी के बढ़ते पर्यटन कारोबार में स्थानीय भागीदारी मजबूत होने के साथ ही ऑनलाइन बुकिंग और आमदनी के नए रास्ते खुलने की संभावना है।





