- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- ठाकुरद्वारा में...
ठाकुरद्वारा में तेंदुओं का आतंक जारी, सरकड़ा परम में छठा तेंदुआ पिंजरे में कैद

ठाकुरद्वारा। क्षेत्र में तेंदुओं की लगातार मौजूदगी ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा रखी हैं। शनिवार को सरकड़ा परम गांव में वन विभाग की टीम ने एक और तेंदुए को पिंजरे में कैद कर लिया। इसके साथ ही क्षेत्र में पकड़े गए तेंदुओं की संख्या छह हो गई है। एक तरफ छठे तेंदुए के पकड़े जाने से वन विभाग और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली, वहीं दूसरी ओर डिलारी क्षेत्र के कोठा महमूद गांव में तेंदुए ने एक बछड़े को अपना शिकार बना लिया। इससे ग्रामीणों की चिंता एक बार फिर बढ़ गई।
तेंदुए के लगातार अलग-अलग गांवों में दिखाई देने और मवेशियों को निशाना बनाए जाने से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। लोग खेतों में अकेले जाने से बच रहे हैं और समूह बनाकर आसपास के इलाकों में निगरानी कर रहे हैं।
सरकड़ा परम में पिंजरे में फंसा तेंदुआ
सरकड़ा परम गांव में तेंदुए की गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग की टीम ने पहले से पिंजरा लगाया था। शनिवार को इसी पिंजरे में तेंदुआ फंस गया। तेंदुए के कैद होने की जानकारी मिलते ही गांव में खबर फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
पिंजरे में बंद तेंदुआ लोगों की भीड़ देखकर उग्र हो गया। वह लगातार पिंजरे के भीतर घूमता रहा और बाहर निकलने का प्रयास करता दिखाई दिया। वन विभाग की टीम ने लोगों को पिंजरे से दूर रहने और भीड़ न लगाने की हिदायत दी।
वनकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए तेंदुए को सुरक्षित तरीके से वहां से हटाने की कार्रवाई शुरू की। बाद में उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
छह तेंदुए पकड़े जाने से राहत
ठाकुरद्वारा क्षेत्र में पिछले कुछ समय से तेंदुओं की गतिविधियां लगातार सामने आ रही हैं। तेंदुओं की मौजूदगी के कारण वन विभाग पर उन्हें पकड़ने का दबाव भी बढ़ा है। सरकड़ा परम में तेंदुए के पकड़े जाने के बाद क्षेत्र में कैद किए गए तेंदुओं की संख्या छह हो गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुओं के कारण खेतों में काम करना मुश्किल हो गया है। खासकर सुबह और शाम के समय लोग खेतों और जंगल से सटे इलाकों में जाने से डरते हैं। पशुपालक भी अपने मवेशियों को लेकर चिंतित हैं।
हालांकि, छठे तेंदुए के पकड़े जाने से ग्रामीणों को कुछ राहत मिली है, लेकिन डिलारी क्षेत्र से सामने आई नई घटना ने चिंता फिर बढ़ा दी है।
कोठा महमूद में बछड़े का शिकार
सरकड़ा परम में तेंदुआ पकड़े जाने के दौरान ही डिलारी क्षेत्र के कोठा महमूद गांव में तेंदुए ने एक बछड़े को अपना शिकार बना लिया। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में दहशत फैल गई।
ग्रामीणों ने आशंका जताई कि क्षेत्र में एक और तेंदुआ सक्रिय है। इसके बाद लोग लाठी-डंडे लेकर खेतों और आसपास के इलाकों में उसकी तलाश करने लगे। हालांकि, तेंदुए का पता नहीं चल सका।
एक ही क्षेत्र में लगातार तेंदुओं की मौजूदगी और मवेशियों के शिकार की घटनाओं से ग्रामीणों में भय का माहौल है। लोगों को आशंका है कि यदि तेंदुआ आबादी के करीब पहुंच गया तो इंसानों के लिए भी खतरा पैदा हो सकता है।
लाठी-डंडे लेकर खेतों में उतरे ग्रामीण
कोठा महमूद में बछड़े के शिकार की घटना के बाद ग्रामीणों ने अपने स्तर पर भी तेंदुए की तलाश शुरू कर दी। बड़ी संख्या में लोग लाठी-डंडे लेकर खेतों और आसपास के इलाकों में घूमते रहे।
ग्रामीणों की कोशिश थी कि तेंदुए की मौजूदगी का पता लगाया जा सके और वन विभाग को इसकी सूचना दी जा सके। हालांकि, वन्यजीव विशेषज्ञों और वन विभाग की ओर से लोगों को तेंदुए के करीब जाने या उसे घेरने से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि घबराया हुआ जंगली जानवर अचानक हमला कर सकता है।
वन विभाग के सामने नई चुनौती
एक ओर वन विभाग ने सरकड़ा परम में तेंदुए को पकड़कर राहत महसूस की, वहीं दूसरी ओर कोठा महमूद में मवेशी के शिकार की घटना ने विभाग के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। अब टीम को नए तेंदुए की गतिविधियों का पता लगाने और उसे सुरक्षित तरीके से पकड़ने के लिए अभियान चलाना पड़ सकता है।
ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए तेंदुए की गतिविधियों वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाना जरूरी हो गया है। खेतों और आबादी के आसपास तेंदुए की मौजूदगी का पता लगाने के लिए वन विभाग की टीमें लगातार सक्रिय हैं।
ग्रामीणों में भय का माहौल
तेंदुओं की बढ़ती गतिविधियों का सबसे अधिक असर उन ग्रामीण परिवारों पर पड़ रहा है, जिनकी आजीविका खेती और पशुपालन पर निर्भर है। खेतों में काम करने के दौरान तेंदुए के हमले का डर बना रहता है। वहीं, मवेशियों के शिकार से किसानों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार तेंदुए दिखाई दे रहे हैं। कई स्थानों पर उनके पैरों के निशान और मवेशियों पर हमले की घटनाएं सामने आने के बाद लोग अपने बच्चों और पशुओं की सुरक्षा को लेकर भी सतर्क हो गए हैं।
पिंजरे में कैद तेंदुए से मिली अस्थायी राहत
सरकड़ा परम में छठे तेंदुए के पकड़े जाने से वन विभाग को बड़ी राहत मिली है। पिंजरे में कैद तेंदुए को भीड़ से सुरक्षित रखते हुए वहां से हटाया गया। इससे गांव के लोगों को उम्मीद जगी है कि तेंदुओं की समस्या पर कुछ हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा।
हालांकि, कोठा महमूद में बछड़े के शिकार की घटना ने साफ कर दिया है कि क्षेत्र में तेंदुओं की गतिविधियां अभी खत्म नहीं हुई हैं। ऐसे में वन विभाग के साथ ग्रामीणों को भी सतर्क रहने की जरूरत है।
फिलहाल ठाकुरद्वारा और डिलारी क्षेत्र के ग्रामीणों की नजर वन विभाग की अगली कार्रवाई पर है। लोगों को उम्मीद है कि सक्रिय तेंदुओं की पहचान कर उन्हें जल्द सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया जाएगा, ताकि इंसानों और वन्यजीवों के बीच बढ़ रहे संघर्ष को कम किया जा सके।





