नोएडा : उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक पेइंग गेस्ट (PG) में 19 वर्षीय युवती की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने वारदात के मुख्य आरोपी रमन राज को बिहार के कटिहार से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर असम के डिब्रूगढ़ की रहने वाली महक अहमद की धारदार हथियार से हत्या करने का आरोप है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवती के शरीर पर करीब 10 वार किए जाने की बात सामने आई है। हत्या के बाद आरोपी कमरे को बाहर से बंद कर ताला लगाकर फरार हो गया था। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और मोबाइल लोकेशन की मदद से आरोपी का पता लगाया और उसे बिहार से पकड़ लिया।

मामला नोएडा के थाना सेक्टर-49 क्षेत्र के बरौला इलाके का है। यहां एक तीन मंजिला पीजी में युवती का शव मिलने के बाद सनसनी फैल गई थी। शुरुआती जांच में ही पुलिस को हत्या की आशंका हो गई थी। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने कमरे की बारीकी से जांच कर कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए थे। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था।
असम से नोएडा आई थी महक
मृतका की पहचान असम के डिब्रूगढ़ की रहने वाली 19 वर्षीय महक अहमद के रूप में हुई। रिपोर्ट के मुताबिक महक करीब तीन सप्ताह पहले अपने परिवार को बताए बिना नोएडा आई थी। वह यहां अपनी सहेली संजना के साथ रह रही थी। दोनों रोजगार के सिलसिले में नोएडा आई थीं। एक रिपोर्ट के अनुसार महक स्थानीय कॉल सेंटर में काम कर रही थी। दोनों बरौला इलाके के पीजी में रह रही थीं।
महक जिस कमरे में मृत अवस्था में मिली वह उसकी सहेली के कमरे के पास था। 10 अगस्त को पुलिस को पीजी के कमरे में युवती का शव होने की सूचना मिली। इसके बाद सेक्टर-49 थाना पुलिस मौके पर पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम और फील्ड यूनिट को भी बुलाया गया। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के साथ ही आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की गई।
पोस्टमार्टम में सामने आए 10 वार
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने हत्या की क्रूरता का खुलासा किया। रिपोर्ट के मुताबिक महक के शरीर पर धारदार हथियार से करीब 10 वार किए गए थे। गंभीर चोटों के कारण अत्यधिक रक्तस्राव हुआ। पुलिस अब हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार और घटनाक्रम से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच में यह भी सामने आया कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने कमरे को बाहर से बंद किया और ताला लगाकर फरार हो गया। इससे कुछ समय तक किसी को कमरे के अंदर हुई घटना की जानकारी नहीं मिल सकी। बाद में मामला सामने आने पर पुलिस को सूचना दी गई और हत्या की जांच शुरू हुई।
आरोपी रमन राज की हुई पहचान
पुलिस जांच में शक बिहार के कटिहार निवासी रमन राज पर गया। रिपोर्ट के अनुसार रमन बीटेक कर चुका है और पहले एक आईटी कंपनी में काम करता था, लेकिन कुछ समय से बेरोजगार था। वह भी उसी पीजी में रह चुका था और इसी दौरान उसकी महक से पहचान हुई थी। पुलिस ने घटनास्थल से मिले सबूतों, पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी तक पहुंचने की कार्रवाई तेज की।
बताया गया है कि 8 अगस्त की रात महक अपनी सहेली के साथ कमरे के बाहर थी। इसी दौरान आरोपी रमन राज से किसी बात को लेकर विवाद होने की बात जांच में सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार उस समय आरोपी के शराब के नशे में होने की बात भी सामने आई है। हालांकि हत्या के वास्तविक कारण और विवाद की पूरी वजह का पता लगाने के लिए पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।
हत्या के बाद बिहार भागा आरोपी
हत्या के बाद आरोपी रमन राज नोएडा से फरार हो गया। पुलिस को आशंका थी कि वह अपने गृह राज्य बिहार जा सकता है। इसके बाद उसकी तलाश के लिए अलग-अलग टीमों को लगाया गया। पुलिस ने आरोपी से संबंधित मोबाइल नंबरों और अन्य तकनीकी जानकारियों की जांच शुरू की। सर्विलांस के दौरान पुलिस को आरोपी की लोकेशन बिहार के कटिहार इलाके में होने का सुराग मिला। इसके बाद नोएडा पुलिस की टीम बिहार पहुंची। तकनीकी जानकारी के आधार पर संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई और आखिरकार आरोपी को कटिहार से पकड़ लिया गया।
सर्विलांस बना गिरफ्तारी की अहम कड़ी
आरोपी की गिरफ्तारी में तकनीकी सर्विलांस अहम साबित हुआ। वारदात के बाद आरोपी ने पुलिस से बचने की कोशिश की, लेकिन मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी सुरागों के आधार पर उसकी गतिविधियों को ट्रैक किया गया। लोकेशन कटिहार में मिलने के बाद पुलिस टीम ने स्थानीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
नोएडा पुलिस आरोपी को बिहार से नोएडा लाने की प्रक्रिया में जुटी है। उससे पूछताछ के बाद हत्या की वजह, हत्या में इस्तेमाल हथियार और वारदात से पहले तथा बाद की पूरी गतिविधियों को लेकर और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
आखिर क्यों की गई महक की हत्या?
पुलिस के सामने अब सबसे अहम सवाल हत्या के मकसद का है। शुरुआती जांच में आरोपी और मृतका के बीच पहचान तथा विवाद की जानकारी सामने आई है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। आरोपी से विस्तृत पूछताछ के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि वारदात अचानक हुए विवाद का नतीजा थी या इसके पीछे पहले से कोई योजना थी। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने धारदार हथियार कहां से हासिल किया और क्या वह वारदात से पहले ही हथियार लेकर आया था। कमरे को बाहर से बंद कर फरार होने के पीछे उसका उद्देश्य हत्या को कुछ समय तक छिपाए रखना था या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
पीजी में रहने वालों से भी हुई पूछताछ
हत्या का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने पीजी में रहने वाले अन्य लोगों से भी जानकारी जुटाई। घटनास्थल के आसपास उपलब्ध तकनीकी और अन्य साक्ष्यों को जांच में शामिल किया गया। शुरुआती दौर में आरोपी की पहचान और तलाश के लिए कई पुलिस टीमें बनाई गई थीं। पुलिस ने यह जानने का भी प्रयास किया कि महक को आखिरी बार किसने देखा था और वारदात के समय पीजी में कौन-कौन मौजूद था। इन जानकारियों को तकनीकी साक्ष्यों के साथ मिलाकर जांच आगे बढ़ाई गई।
परिवार से दूर नोएडा में थी महक
महक का असम से नोएडा आना और फिर कुछ ही सप्ताह में उसकी हत्या हो जाना परिवार के लिए बड़ा सदमा है। वह कम उम्र में रोजगार की तलाश में बड़े शहर पहुंची थी। रिपोर्ट के मुताबिक उसने अपने परिवार को नोएडा आने की जानकारी नहीं दी थी। यहां वह अपनी सहेली के साथ रह रही थी। घटना सामने आने के बाद पुलिस ने युवती के परिवार से संपर्क किया और कानूनी प्रक्रिया पूरी की। रिपोर्ट के अनुसार महक का अंतिम संस्कार नोएडा में किया गया।
आरोपी से पूछताछ में खुलेंगे कई राज
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस जांच का फोकस वारदात के पूरे घटनाक्रम को जोड़ने पर है। आरोपी से यह पता लगाया जाएगा कि घटना वाली रात महक के साथ उसका विवाद किस बात पर हुआ, वह कमरे तक कैसे पहुंचा, हत्या में इस्तेमाल हथियार कहां से आया और वारदात के बाद उसने फरार होने के लिए कौन सा रास्ता अपनाया। इसके अलावा पुलिस आरोपी के बयानों का घटनास्थल से मिले फोरेंसिक और तकनीकी साक्ष्यों से मिलान करेगी। यदि उसके बयान और साक्ष्य में अंतर मिलता है तो उससे दोबारा पूछताछ की जा सकती है। हत्या में किसी अन्य व्यक्ति की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भूमिका थी या नहीं, यह भी जांच का विषय हो सकता है।
पुलिस जांच जारी
इस हत्याकांड ने नोएडा में पीजी में रहने वाले युवाओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों से छात्र और नौकरीपेशा युवा नोएडा में पीजी तथा किराए के कमरों में रहते हैं। ऐसे में पीजी में आने-जाने वाले लोगों की पहचान और सुरक्षा व्यवस्था का मुद्दा भी चर्चा में आया है। फिलहाल मुख्य आरोपी रमन राज पुलिस की गिरफ्त में है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवती के शरीर पर करीब 10 वार होने की पुष्टि के बाद मामला और गंभीर हो गया है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर हत्या की वास्तविक वजह और पूरे घटनाक्रम को सामने लाने की कोशिश कर रही है।
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