लखनऊ : उत्तर प्रदेश में चीनी की कीमतों और उपलब्धता को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा कदम उठाया है। बाजार में चीनी की आपूर्ति और कीमतों पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों (DM) को निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत अब चीनी डीलर और थोक व्यापारियों को निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक रखने की अनुमति नहीं होगी। सरकार ने साफ किया है कि प्रदेश में चीनी की कोई कमी नहीं है और जमाखोरी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि चीनी की उपलब्धता, बिक्री और भंडारण व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाए। उन्होंने कहा कि आम जनता को उचित कीमत पर चीनी उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। किसी भी स्थिति में कृत्रिम कमी पैदा करने या बाजार में मनमाने दाम बढ़ाने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
डीलरों की स्टॉक सीमा तय
सरकार के निर्देश के अनुसार अब चीनी डीलर एक निश्चित सीमा तक ही स्टॉक रख सकेंगे। डीलरों के लिए अधिकतम 400 टन तक चीनी रखने की सीमा तय की गई है। इससे अधिक मात्रा में चीनी का भंडारण करने पर कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि वह चीनी कारोबारियों के स्टॉक की जांच करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई व्यापारी जरूरत से ज्यादा माल जमा न करे। अधिकारियों को बाजार में चीनी की सप्लाई व्यवस्था पर नजर रखने को कहा गया है।
जमाखोरी पर होगी सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता है। इसके बावजूद अगर कोई व्यापारी मुनाफाखोरी या जमाखोरी के उद्देश्य से स्टॉक जमा करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में खाद्य विभाग और संबंधित अधिकारियों के माध्यम से निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि बाजार में चीनी की आपूर्ति सामान्य बनी रहे।
जनता को नहीं होगी परेशानी
सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य आम लोगों के हितों की रक्षा करना है। त्योहारों और बढ़ती मांग के समय कई बार कुछ व्यापारी सामान की कृत्रिम कमी दिखाकर कीमतें बढ़ाने की कोशिश करते हैं। ऐसे मामलों को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि उपभोक्ताओं को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। बाजार में चीनी की उपलब्धता बनी रहे और कीमतों पर नियंत्रण रखा जाए।
जिलों में शुरू होगी निगरानी
सभी जिलाधिकारियों को अपने क्षेत्रों में चीनी कारोबारियों और डीलरों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासनिक टीमें स्टॉक की जांच करेंगी और नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई करेंगी।
अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि छोटे व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं को चीनी की आपूर्ति में कोई बाधा न आए।
सरकार ने बताया चीनी का पर्याप्त भंडार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। उन्होंने कहा कि किसी भी अफवाह पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। सरकार की कोशिश है कि बाजार में स्थिरता बनी रहे और लोगों को जरूरी वस्तुएं आसानी से मिलती रहें।
उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में चीनी मिलें संचालित हैं और लाखों किसान गन्ना उत्पादन से जुड़े हुए हैं। ऐसे में चीनी की उपलब्धता को लेकर सरकार लगातार निगरानी करती रहती है।
किसानों और चीनी उद्योग पर भी नजर
चीनी की कीमतों और स्टॉक नियंत्रण के बीच सरकार ने किसानों और चीनी उद्योग के हितों को भी ध्यान में रखने की बात कही है। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि कार्रवाई करते समय पूरी प्रक्रिया का पालन किया जाए।
चीनी उद्योग उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में सरकार का लक्ष्य है कि किसानों, उद्योग और उपभोक्ताओं के बीच संतुलन बना रहे।
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