कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर निगम में कथित ठेकेदारी माफिया और अवैध वसूली के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने एक्शन तेज कर दिया है। इसी क्रम में नगर निगम से जुड़े दो ठेकेदारों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कथित ठेकेदारों के कॉकस का सरगना गोविंद शर्मा अभी फरार बताया जा रहा है। उसकी तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कानपुर नगर निगम में ठेकों और कथित अवैध वसूली को लेकर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी और कई स्तरों पर पड़ताल शुरू की गई।
ठेकेदारों के नेटवर्क पर शिकंजा
जांच में सामने आया कि नगर निगम के कुछ ठेकेदारों का एक समूह सक्रिय था, जो टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश करता था। आरोप है कि यह समूह ठेकों के आवंटन और नए ठेकेदारों की एंट्री को लेकर प्रभाव डालता था।
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की भूमिका की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सरगना गोविंद शर्मा की तलाश
मामले में गोविंद शर्मा को कथित रूप से इस नेटवर्क का मुख्य व्यक्ति बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, वह आगरा का रहने वाला है और उसकी फर्म को नगर निगम में कई ठेके मिलने की बात सामने आई है। फिलहाल पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि ठेकों के पीछे किस तरह की व्यवस्था काम कर रही थी और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
सीएम योगी ने जताई थी नाराजगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ बैठक में कानपुर नगर निगम से जुड़ी शिकायतों पर सख्त रुख अपनाया था। उन्होंने अवैध वसूली और ठेकेदारी में किसी भी तरह की मनमानी रोकने के निर्देश दिए थे।
सीएम की सख्ती के बाद नगर निगम और पुलिस प्रशासन दोनों सक्रिय हो गए हैं। अधिकारियों को साफ संदेश दिया गया है कि सरकारी कामों में भ्रष्टाचार और दबाव की राजनीति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ठेके और टेंडर प्रक्रिया की होगी जांच
नगर निगम में होने वाले विकास कार्यों के ठेकों की प्रक्रिया भी जांच के दायरे में आ गई है। प्रशासन यह पता लगा रहा है कि किन-किन ठेकों में नियमों का पालन हुआ और कहां अनियमितता की शिकायतें मिलीं।
सड़क निर्माण, सफाई, मरम्मत और अन्य विकास कार्यों से जुड़े टेंडरों की भी समीक्षा की जा सकती है।
भुगतान और दस्तावेजों की जांच
अधिकारियों ने संबंधित रिकॉर्ड खंगालने शुरू कर दिए हैं। ठेकेदारों को किए गए भुगतान, टेंडर प्रक्रिया और दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
अगर किसी मामले में नियमों की अनदेखी या आर्थिक अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
ठेकेदारों में मचा हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद नगर निगम से जुड़े ठेकेदारों में हड़कंप की स्थिति है। कई ठेकेदार अब अपने दस्तावेज और पुराने कामों से जुड़े रिकॉर्ड की समीक्षा कर रहे हैं।
प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई किसी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ नहीं होगी, लेकिन भ्रष्टाचार या अनियमितता में शामिल लोगों को किसी भी हालत में छोड़ा नहीं जाएगा।
आगे बढ़ सकती है कार्रवाई
पुलिस जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, इस मामले में और नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है। अधिकारियों की नजर अब फरार बताए जा रहे सरगना की गिरफ्तारी और पूरे नेटवर्क का खुलासा करने पर है।
कानपुर नगर निगम से जुड़ा यह मामला एक बार फिर सरकारी ठेकों में पारदर्शिता और जवाबदेही का मुद्दा सामने ला रहा है।
प्रशासन का सख्त संदेश
योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
फिलहाल कानपुर में दो ठेकेदारों की गिरफ्तारी के बाद जांच तेज हो गई है और फरार सरगना की तलाश जारी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
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