जलभराव पर मंत्री AK शर्मा सख्त लापरवाही में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सस्पेंड
वाराणसी: उत्तर प्रदेश के शहरी विकास और ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने 12-13 सितंबर को वाराणसी के दौरे के दौरान शहर में जलभराव वाले इलाकों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को जमा पानी को तुरंत निकालने के लिए युद्धस्तर पर काम करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान, मंत्री ए.के. शर्मा ने जलभराव की स्थिति का जायजा लिया।
ए.के. शर्मा ने गहरी नाराजगी जताई और साफ किया कि जलभराव के कारण जनता को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। इसी क्रम में, चौकाघाट सीवेज पंपिंग स्टेशन और गोइठाहा एसटीपी (STP) पर पंपों के संचालन में गंभीर लापरवाही पाए जाने के बाद सरकार ने सख्त कार्रवाई की।उत्तर प्रदेश जल निगम (शहरी), वाराणसी के निर्माण प्रभाग (इंजीनियरिंग/मैकेनिकल) में कार्यकारी अभियंता पवन कुमार गुप्ता को उनके आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही और उदासीनता के प्रथम दृष्टया सबूतों के आधार पर निलंबित कर दिया गया है।
निलंबन के साथ-साथ, उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी (अनुशासन और अपील) नियमावली, 1999 के नियम 7 के तहत उनके खिलाफ अनुशासनात्मक जांच शुरू की गई है। उत्तर प्रदेश जल निगम (शहरी), लखनऊ के मुख्य अभियंता (खरीद) को पदेन जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।प्रथम दृष्टया यह बात सामने आई कि पवन कुमार गुप्ता चौकाघाट सीवेज पंपिंग स्टेशन पर नदी के पानी को वापस आने (बैकफ्लो) से रोकने के लिए जरूरी गेट/बैरियर लगाने के लिए अनुमान सहित कोई कार्य योजना तैयार करने में विफल रहे और उच्च अधिकारियों द्वारा जारी निर्देशों का पालन करते हुए आवश्यक कार्रवाई नहीं की।
इसके अलावा, 3 और 4 सितंबर को चौकाघाट सीवेज पंपिंग स्टेशन और गोइठाहा एसटीपी पर पंप बंद कर दिए गए थे। भारी बारिश के दौरान समय पर पंप न चलने के कारण सीवर लाइनों पर अत्यधिक भार पड़ा, जिससे शहर के निचले इलाकों में जलभराव हो गया और जनता को कठिनाई व परेशानी का सामना करना पड़ा। इस लापरवाही से विभाग की छवि पर भी असर पड़ा।शहरी विकास और ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने वाराणसी के दौरे के दौरान स्पष्ट रूप से कहा था कि जलभराव जैसी जन समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को पानी की निकासी के लिए सभी पंपिंग स्टेशनों और नालियों की प्रभावी निगरानी करने और जहां भी कमियां या लापरवाही पाई जाए, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मंत्री ए.के. शर्मा के निर्देशों के पालन में की गई यह कार्रवाई एक स्पष्ट संदेश देती है कि जनहित के कार्यों में लापरवाही, उदासीनता या उच्च अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।शहरी विकास विभाग अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के साथ-साथ शहरों में जलभराव की समस्या का स्थायी और प्रभावी समाधान खोजने पर विशेष जोर दे रहा है।
निलंबन की अवधि के दौरान, पवन कुमार गुप्ता मुख्य अभियंता (कानपुर क्षेत्र), उत्तर प्रदेश जल निगम (शहरी), कानपुर के कार्यालय से संबद्ध रहेंगे। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमों के अनुसार निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।