सरयू नदी में बढ़ा जलस्तर, बैराजों से भारी पानी छोड़े जाने पर बढ़ी चिंता
सगड़ी : सगड़ी तहसील क्षेत्र में सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से आसपास के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। नदी में पानी की बढ़ती धार और बैराजों से लगातार छोड़े जा रहे भारी मात्रा में पानी के कारण बाढ़ का खतरा बना हुआ है। प्रशासन और स्थानीय लोग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
जानकारी के अनुसार, सगड़ी तहसील के उत्तर दिशा से बहने वाली सरयू नदी का जलस्तर पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रहा है। शारदा, गिरिजा और सरयू बैराज से दसवें दिन भी 2,57,925 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज किया गया। इतनी बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण नदी के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की जा रही है।
पिछले 24 घंटे में सरयू नदी का जलस्तर करीब 20 सेंटीमीटर बढ़ गया है। नदी का पानी बढ़ने से तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों को डर है कि अगर जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो निचले इलाकों में पानी घुस सकता है और जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
सरयू नदी के किनारे बसे गांवों में लोग लगातार नदी के हालात पर नजर रख रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश और बैराजों से छोड़े जा रहे पानी के कारण हर साल बाढ़ का खतरा बना रहता है। कई परिवारों ने अपने जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों पर रखना शुरू कर दिया है।
प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों ने राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में कर्मचारियों को तैनात किया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
बाढ़ की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। लोगों से कहा गया है कि वे नदी के किनारे जाने से बचें और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर सावधानी बरतने की अपील की गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सरयू नदी का बढ़ता जलस्तर खेती और पशुपालन पर भी असर डाल सकता है। नदी के आसपास के खेतों में पानी भरने की संभावना से किसानों की चिंता बढ़ गई है। यदि जलस्तर और बढ़ता है तो फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए पहले से तैयारियां पूरी रखी जाएं। उन्होंने तटबंधों की निगरानी, नावों की व्यवस्था और राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों तक तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।
जल संसाधन विभाग के अधिकारी लगातार नदी के जलस्तर और बैराजों से छोड़े जा रहे पानी की मात्रा की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयारी की गई है।
मानसून के दौरान नदियों में जलस्तर बढ़ना सामान्य है, लेकिन लगातार कई दिनों तक पानी छोड़े जाने से खतरा बढ़ जाता है। सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर ने एक बार फिर तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
फिलहाल ग्रामीणों की नजर नदी के जलस्तर पर टिकी हुई है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं, ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही जलस्तर स्थिर होगा और बाढ़ का खतरा कम होगा।