अखिलेश यादव के बयान पर VHP विनोद बंसल का तीखा जवाब

Update: 2025-10-19 16:45 GMT
Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा दिवाली और क्रिसमस को जोड़ने वाले बयान पर विश्व हिन्दू परिषद (VHP) के वरिष्ठ नेता विनोद बंसल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अयोध्या का दीपोत्सव प्रभु श्री राम की अयोध्या के गौरव और आस्था का प्रतीक है और इसे किसी अन्य पर्व या धार्मिक उत्सव से तुलना नहीं करनी चाहिए। विनोद बंसल ने कहा, "हमें बहुत खुशी है कि अयोध्या में ऐसा माहौल बन गया है जिससे साफ पता चलता है कि यह प्रभु श्री राम की अयोध्या है। जिस अयोध्या में पहले अंधेरा और तनाव का माहौल था, वहां अब हर जगह रोशनी फैली हुई है। इसे संभव बनाने में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई प्रयास किए हैं।"
उन्होंने कहा कि अतीत में कई नेताओं ने रामभक्तों पर गोलियां चलाकर अयोध्या को रक्तरंजित कर दिया। "जहां दीपोत्सव के दौरान हम दीयों की बाती जला रहे हैं, वहां हमारे ही देश के कुछ नेताओं के कारण लोगों के दिल जल रहे थे। आज इसे दिवाली के रूप में पूरे देश और दुनिया में देखने का अवसर मिल रहा है। विनोद बंसल ने अखिलेश यादव के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि दिवाली को क्रिसमस से जोड़कर देखने का प्रयास गलत संदेश देता है। उनका कहना था कि दीपोत्सव हिंदू संस्कृति और आस्था का प्रतीक है और इसे किसी अन्य पर्व से तुलना में नहीं लाया जाना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा, "अयोध्या में दीपोत्सव केवल धार्मिक उत्सव ही नहीं, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और आस्था की शक्ति का प्रतीक भी है। इस प्रकार के बयान से जनता में भ्रम फैलता है और हमारी सांस्कृतिक पहचान पर सवाल उठता है। VHP नेता ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे दीपोत्सव को अपने परिवार और समाज के साथ शांति और प्रेम के संदेश के रूप में मनाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि त्योहार का मूल उद्देश्य अंधकार पर प्रकाश की विजय और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है।
इस अवसर पर बंसल ने यह भी कहा कि दीपोत्सव 2025 में अयोध्या में बनाए गए भव्य मंदिर और सरयू नदी के तट पर आयोजित कार्यक्रम पूरे विश्व में भारतीय संस्कृति और आस्था की पहचान को उजागर कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि लोग राजनीति से ऊपर उठकर इस पावन पर्व का सम्मान करेंगे। अयोध्या में दीपोत्सव के दौरान लाखों दीयों के साथ घाट और मंदिर जगमगाए हुए हैं। बंसल ने कहा कि यह कार्यक्रम ना केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि पर्यटन और सांस्कृतिक दृष्टि से भी अयोध्या की स्थिति को मजबूत कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे आयोजन समाज में भाईचारा और आस्था की भावना को बढ़ाते हैं।
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