UP weather: उत्तर प्रदेश में मई की चिलचिलाती गर्मी और धूप के बीच गुरुवार सुबह अचानक मौसम बदल गया। राजधानी लखनऊ समेत पूर्वी और पश्चिमी इलाकों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हुई, जिससे भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को थोड़ी राहत मिली। काले बादलों से ढका आसमान और ठंडी हवा ने सुबह मौसम को सुहाना बना दिया। राजधानी में मौसम ने सुबह-सुबह ही संकेत दे दिए थे, जब हवाओं के झोंकों के साथ बादलों ने डेरा डाल दिया। थोड़ी ही देर में लखनऊ की सड़कों पर हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई, जिससे तापमान में गिरावट आ गई। इस बदलाव ने स्थानीय लोगों को कुछ पल के लिए भीषण गर्मी से राहत दी।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में सबसे ज्यादा चार मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा थी। लखनऊ के अलावा आसपास के जिलों में भी मौसम में यही बदलाव देखने को मिला। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और हल्की बारिश की संभावना है। खासकर पश्चिमी यूपी, तराई क्षेत्र और दक्षिणी जिलों में कुछ स्थानों पर बौछारें पड़ सकती हैं। इससे दिन के तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को कुछ और राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि विभाग ने यह भी साफ कर दिया है कि यह राहत ज्यादा दिन तक नहीं रहने वाली है।
अगले चार से पांच दिनों में तापमान में फिर तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है और पारे में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस का उछाल आ सकता है। ऐसे में लोगों को एक बार फिर गर्मी और तपिश का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा। गुरुवार को लखनऊ में अधिकतम तापमान 38.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.4 डिग्री अधिक रहा। हालांकि सुबह हुई बूंदाबांदी और बादलों के कारण न्यूनतम तापमान 21.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जिससे सुबह का मौसम ठंडा और राहत भरा रहा। मौसम विज्ञानियों के अनुसार फिलहाल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखाई दे रहा है, जिसके कारण हल्की बारिश और हवाएं चल रही हैं।
लेकिन जैसे-जैसे यह सिस्टम कमजोर होगा, गर्मी फिर जोर पकड़ेगी। अगले सप्ताह तक अधिकतम तापमान में वृद्धि तय मानी जा रही है। लोगों को दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने और लू से बचने के लिए खूब पानी पीने की सलाह दी गई है। बच्चों और बुजुर्गों को खास तौर पर सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि बढ़ती गर्मी उनके स्वास्थ्य पर असर डाल सकती है।