Up News: अब अगर आप बरेली की सड़कों पर अपनी कार, बाइक या किसी भी अन्य वाहन से कूड़ा फेंकते हैं, तो सावधान हो जाइए! अब आपकी हरकतें कैमरे की नज़र से नहीं बच पाएंगी और चालान की तस्वीर वाला नोटिफिकेशन सीधे आपके मोबाइल पर आ जाएगा। बरेली नगर निगम ने "सिटीज़ 2.0 प्लान" के तहत इस हाई-टेक मॉनिटरिंग सिस्टम को लागू करने की तैयारी कर ली है। इसके लिए केंद्र सरकार ने ₹86 करोड़ का बजट स्वीकृत किया है। अब चालान सिर्फ़ मौके पर मौजूद कर्मचारियों द्वारा नहीं, बल्कि 13 मीटर की ऊँचाई पर लगे अत्याधुनिक कैमरों की मदद से काटे जाएँगे।
नगर निगम द्वारा स्थापित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) पूरे शहर पर नज़र रखेगा। प्रमुख चौराहों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में कैमरे लगाए गए हैं। अगर कोई वाहन चालक या यात्री सड़क पर कूड़ा फेंकता है, तो कैमरा उस पल को कैद कर लेगा। वाहन नंबर ट्रेस हो जाएगा और चालान अपने आप वाहन मालिक के पास पहुँच जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत, चालान सीधे वाहन मालिक के नाम पर काटे जाएँगे। चाहे वाहन मालिक खुद चला रहा हो या कोई और, अगर वाहन से कचरा फेंका जाता है, तो मालिक ज़िम्मेदार होगा। इसलिए, जिन लोगों के पास ड्राइवर हैं या जो दूसरों को वाहन किराए पर देते हैं, उन्हें पहले से सूचित किया जाना चाहिए।
बरेली नगर निगम ने शहर के सभी 80 वार्डों को साफ़-सुथरा बनाने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए जहाँ सफ़ाई कर्मचारी काम करेंगे, वहीं आईसीसीसी सेंटर से 24x7 निगरानी की जाएगी। नगर आयुक्त संजीव कुमार ने कहा, "सिर्फ़ सफ़ाई कर्मचारियों के भरोसे शहर साफ़ नहीं होगा। जब तक नागरिक अपनी ज़िम्मेदारी नहीं समझेंगे, तब तक स्थायी सुधार असंभव है।"नगर निगम ने इस व्यवस्था का मसौदा तैयार कर लिया है और इसे जल्द ही लागू किया जाएगा। इस पहल से न सिर्फ़ शहर की सफ़ाई व्यवस्था में सुधार आएगा, बल्कि लोगों की गंदी आदतों को सुधारने की दिशा में भी एक बड़ा कदम साबित होगा।