UP News: आंधी-बारिश के चलते बुधवार रात से गुरुवार तक शहर में मकान, होटल, मंडप, उद्योग और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को भारी नुकसान हुआ। इससे करीब 138 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। बड़ी संख्या में स्थाई और अस्थाई निर्माण ढह गए। अचानक आए तूफान के चलते घरों में खिड़की, दरवाजे, सोलर प्लांट, पानी की टंकी, किचन गार्डन नष्ट हो गए। छावनी में सरधना रोड, कैंट स्टेशन, सेंट जोसफ स्कूल, बाईपास स्थित विभिन्न रिसॉर्ट और मंडपों में अस्थाई निर्माण ढह गए। शहर में ई-रिक्शा और कारें चार्ज नहीं हो सकीं। फ्रीजर में रखा माल खराब हो गया। फल-सब्जी मंडी में भारी नुकसान हुआ। भट्ठों पर पीसने के लिए रखी ईंटें पिघल गईं। होटल और रिसॉर्ट में निर्माण ढह गए। 150 से अधिक कारों पर पेड़ और होर्डिंग्स गिर गए।
मंडप एसोसिएशन महामंत्री विपुल सिंघल ने बताया कि होटलों, रेस्टोरेंटों और मंडपों में ही करीब 24 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मंडपों में लगे सजावटी सामान, लाइट, चुन्नी, कपड़े, टीन, फाइबर के साथ दीवारें भी ढह गईं। मोदीपुरम, कंकरखेड़ा, परतापुर बाईपास, गढ़ रोड आदि स्थानों पर ज्यादा क्षति हुई। वहीं, नवीन मंडी में हरी सब्जी, आम सहित अन्य फलों को नुकसान के कारण करीब दो करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ।
सब्जी मंडी अध्यक्ष भूषण शर्मा ने बताया कि आम व्यापारियों को अधिक नुकसान पहुंचा है। आंधी के कारण मंडी में दुकानों के छप्पर उड़ गए। पेड़ गिरने के कारण बिजली नहीं रही। ऐसे में बृहस्पतिवार को कारोबार भी प्रभावित रहा। आलू व्यापारी ओमप्रकाश सैनी को ही 40 लाख नुकसान हुआ। उन्हें आलू के तीन हजार कट्टे फेंकने पड़े।
150 गाड़ियों पर कहीं गिरे होर्डिंग तो कहीं यूनिपो
शहर में 150 से अधिक गाड़ियों पर होर्डिंग, वृक्ष, टंकी, लोहे के पाइप आदि गिरने के कारण क्षतिग्रस्त हो गईं। ऑटोमोबाइल डीलर सिद्धार्थ जैन ने बताया कि उनके दोनों शोरूम 40 से अधिक क्षतिग्रस्त गाड़ियां आई हैं। उधर, दूसरे डीलर गौरव गुप्ता ने बताया कि आंधी में पेड़ गिरने के कारण काफी संख्या में गाड़ियां रिपेयरिंग के लिए पहुंचीं।
ईंट भट्ठों में 15 करोड़ से अधिक का नुकसान
जिले में 150 ईट भट्ठे हैं। संचालक संजय गोयल गोदावरी ने बताया कि शहर में 150 भट्ठों में 15 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। पथाई के बाद रखी गई ईंट जलभराव होने के कारण गल गई। एनजीटी की गाइड लाइन के चलते 30 जून तक ही भट्ठे चलाए जा सकते हैं। चौधरी योगेश फौजी ने बताया कि बारिश के कारण ईंधन भी भीग गया। सतीश गुप्ता ने बताया कि बारिश के कारण भट्ठों का संचालन प्रभावित हो गया है। वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए भट्ठों को अतिरिक्त एक माह चलाने की अनुमति मिलनी चाहिए।
ई-रिक्शा तक चार्ज नहीं हो पाए
ई-रिक्शा एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल कौशिक ने बताया कि शहर में 40 हजार ई-रिक्शा संचालित हैं। बुधवार शाम से बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे तक अधिकतर ई-रिक्शाओं को चार्ज नहीं किया जा सका। वहीं, देवेंद्र, मोहित चौहान सहित अन्य ने बताया कि इलेक्ट्रिक स्कूटी और कारें भी चार्ज नहीं हो पाईं। ऐसे में ऑफिस ने जाने के लिए दोस्तों से लिफ्ट लेनी पड़ी।
नौचंदी मेले में टूटे झूलों और दुकानों को सही करने में जुटे रहे
नौचंदी मेले में झूले, अस्थायी दुकानों को ठीक करने का कार्य किया गया। यश बंसल ने कहा कि मेले में झूलों को लेकर व्यवस्था बनाना बहुत आवश्यक है। मेला समिति से जुड़े अंकुर गोयल ने बताया कि आंधी के कारण बड़ा झूला गिर गया। झूला गिरता देख मजदूरों ने भागकर जान बचाई।
समाजसेवी सेवी नरेंद्र राष्ट्रवादी ने बताया कि मेले में अब सर्कस के स्थान पर भी विशाल झूले लगाए जा रहे हैं। एक झूले से दूसरे झूले के बीच निश्चित दूरी भी नहीं रखी गई है। इस माह में लगातार आंधी आती रहती है। कुछ झूले हाईटेंशन लाइन के बिल्कुल नीचे लगाए गए हैं।
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