UP News: खेतों में कीटनाशक छिड़कने के बाद किसान की हालत बिगड़ी, अस्पताल में मौत
UP News: कासिमपुर खेड़ी गांव का किसान सचिन अपने गाजर के खेत में पेस्टीसाइड स्प्रे कर रहा था। ज़हरीले केमिकल की वजह से वह बेहोश हो गया। उसके घरवाले उसे मेरठ के एक हॉस्पिटल ले गए, जहाँ बाद में उसकी मौत हो गई।रमाला के कासिमपुर खेड़ी गांव के जंगल में मंगलवार को किसान सचिन (42) अपनी गाजर की फसल पर पेस्टीसाइड स्प्रे कर रहा था। उसकी हालत बिगड़ गई। उसके घरवालों ने बराल के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज कराया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मेरठ रेफर कर दिया। बुधवार दोपहर मेरठ के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज के दौरान किसान सचिन की मौत हो गई।
कासिमपुर खेड़ी गांव के रहने वाले धर्मपाल ने बताया कि उनके बेटे सचिन ने अपने खेत में गाजर, चुकंदर और दूसरी सब्ज़ियाँ उगाई थीं। मंगलवार को सचिन अपनी गाजर की फसल पर मशीन से पेस्टीसाइड स्प्रे कर रहा था, तभी उसकी हालत बिगड़ गई और उसे उल्टी हुई और वह खेत में ही बेहोश हो गया। आस-पास के खेतों में काम कर रहे किसान घर आए और सचिन की हालत बिगड़ने की खबर दी।
खेत पर पहुँचे घरवाले उसे उठाकर बराल के एक प्राइवेट हॉस्पिटल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज किया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उसे मेरठ रेफर कर दिया गया। इसके बाद सचिन का मेरठ के एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा था, जहां बुधवार दोपहर उसकी मौत हो गई। सचिन के परिवार में उसकी पत्नी शालू, दो बेटियां और एक बेटा है। जांच अधिकारी बच्चू सिंह का कहना है कि पेस्टीसाइड का स्प्रे करते समय हालत बिगड़ने से उसकी मौत हो गई।
जिला कृषि अधिकारी बाल गोविंद यादव ने बताया कि खेतों में फसलों पर पेस्टीसाइड का स्प्रे करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। हाथों में दस्ताने और आंखों पर चश्मा जरूर पहनना चाहिए। इसके अलावा शरीर को कपड़ों से पूरी तरह ढकना चाहिए, ताकि पेस्टीसाइड के छींटे शरीर के किसी हिस्से पर न पड़ें। नाक और मुंह पर मास्क पहनें, ताकि पेस्टीसाइड की गंध फेफड़ों तक न पहुंचे।