Up News: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के नजीराबाद स्थित जवाहर नगर में एक दुखद घटना घटी है। तीन मंजिला मकान मालिक के छोटे भाई सुधीर पाठक (45) का शव सात दिनों तक घर के एक कोने में पड़ा रहा। शव से आ रही बदबू से पड़ोसियों को लगा कि चूहा मर गया है, लेकिन सच्चाई कुछ और ही थी। जब परिवार ने आखिरकार तलाश की, तो उन्हें सुधीर की मौत का पता चला।सुधीर पाठक अपने बड़े भाई सुनील पाठक के परिवार और अपनी विकलांग छोटी बहन के साथ एक ही घर में रहते थे। सुधीर लीवर की बीमारी से पीड़ित थे और उनका हैलट अस्पताल में इलाज चल रहा था। उन्हें मानसिक रूप से भी अस्थिर माना जाता था। वह अविवाहित थे।
सुधीर 23 सितंबर को अस्पताल जाने का बहाना बनाकर घर से निकले, लेकिन वापस नहीं लौटे। 26 सितंबर को नजीराबाद थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
घर में एक अजीब सी दुर्गंध आने लगी। घटना के सातवें दिन, 30 सितंबर को, किसी को घर के खाली बाथरूम से बदबू आने का शक हुआ। जब बाथरूम की तलाशी ली गई, तो सुधीर का शव पूरी तरह सड़ चुका था। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाया है। मौत का असली कारण जाँच के बाद ही पता चलेगा।एक ही छत के नीचे रहने वाले परिवार के सदस्यों के बीच इतनी दूरियाँ बन गईं कि सात दिनों तक किसी को सुधीर की मौत का पता ही नहीं चला। यह घटना समाज में रिश्तों और इंसानियत की कुछ कड़वी सच्चाइयों को भी उजागर करती है।
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