सपा नेता डक्कू की बढ़ीं मुश्किलें हत्या के प्रयास और छेड़खानी की धाराएं बढ़ीं
जमीन विवाद में फंसे सपा नेता डक्कू
गोरखपुर: जमीन विवाद के मामले में जेल भेजे गए समाजवादी पार्टी के नेता जफर अमीन उर्फ डक्कू की मुश्किलें बढ़ गई हैं। राजघाट पुलिस ने मामले की जांच और शिकायतकर्ता महिला के बयान के आधार पर मुकदमे में हत्या के प्रयास और छेड़खानी से संबंधित धाराएं बढ़ा दी हैं। नई धाराएं जुड़ने के बाद पुलिस अब अदालत से डक्कू का रिमांड लेने की तैयारी कर रही है। इससे पहले उनकी जमानत की कोशिश भी सफल नहीं हो सकी थी।
जमीन विवाद से जुड़ा है मामला
मामला राजघाट थाना क्षेत्र के खोखरटोला में जमीन को लेकर चल रहे विवाद से जुड़ा है। आरोप है कि डक्कू अपने समर्थकों के साथ विवादित स्थान पर पहुंचे थे। वहां टीनशेड और पाइप हटाने को लेकर मौके पर मौजूद महिलाओं से विवाद हो गया। घटना के दौरान कहासुनी और धक्का-मुक्की के आरोप भी लगाए गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आया। महिला की शिकायत पर पुलिस ने जफर अमीन डक्कू, सपा महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी समेत अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
महिला के बयान के बाद बढ़ीं धाराएं
पुलिस ने मामले में शिकायतकर्ता महिला का बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराया। जांच के दौरान मिले तथ्यों और बयान के आधार पर पुलिस ने मुकदमे में हत्या के प्रयास और छेड़खानी से जुड़ी धाराएं जोड़ दीं। इन धाराओं के बढ़ने से मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। पुलिस अब अदालत में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर डक्कू का रिमांड लेने की तैयारी में है। इसके बाद मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर आगे की पूछताछ और जांच की जा सकती है।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस इस मामले में नामजद अन्य आरोपियों की भूमिका भी खंगाल रही है। रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस की अलग-अलग टीमें उनकी तलाश में दबिश दे रही हैं। सपा महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी का नाम भी प्राथमिकी में शामिल है। जांच में वायरल वीडियो को भी महत्वपूर्ण साक्ष्य के तौर पर देखा जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद के दौरान कौन-कौन लोग मौके पर मौजूद थे और उनकी क्या भूमिका थी।
सपा नेताओं ने कार्रवाई पर उठाए सवाल
दूसरी ओर समाजवादी पार्टी से जुड़े नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि मामले में राजनीतिक दबाव के तहत कार्रवाई की जा रही है। पार्टी नेताओं ने पूरे घटनाक्रम और वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं डक्कू की तरफ से विवादित जमीन को लेकर अपना दावा पेश किया गया है। दूसरी तरफ शिकायतकर्ता पक्ष के अपने दावे हैं। जमीन के वास्तविक स्वामित्व और उससे जुड़े दस्तावेजों की सत्यता संबंधित विभागों और कानूनी प्रक्रिया के जरिए तय होगी।
जमानत नहीं मिलने से बढ़ी मुश्किल
डक्कू को पहले पुलिस ने हिरासत में लिया था और बाद में उन्हें जेल भेज दिया गया। अदालत से जमानत हासिल करने की कोशिश भी की गई, लेकिन तत्काल राहत नहीं मिली। अब मुकदमे में गंभीर धाराएं जुड़ने के बाद उनकी कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। शिकायतकर्ता के बयान, वायरल वीडियो और अन्य उपलब्ध सामग्री की पड़ताल की जा रही है। फिलहाल जफर अमीन डक्कू पर लगाए गए हत्या के प्रयास और छेड़खानी के आरोप जांच के अधीन हैं और अदालत में साबित नहीं हुए हैं। पुलिस की अगली अहम कार्रवाई अदालत से रिमांड हासिल करने की होगी। इसके साथ ही अन्य आरोपियों की तलाश और जमीन विवाद से जुड़े दस्तावेजों की जांच जारी रहेगी।