गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में आवारा और पालतू कुत्तों के काटने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। हालात यह हैं कि पिछले कुछ समय में जिले में बड़ी संख्या में लोग डॉग बाइट का शिकार हुए हैं। आंकड़ों के अनुसार, गाजियाबाद में 1.18 लाख से ज्यादा लोगों को कुत्तों ने काटा है, जिससे लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जिले में कुत्तों के काटने की घटनाओं में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले वर्षों की तुलना में डॉग बाइट के मामलों में करीब 37 प्रतिशत तक वृद्धि सामने आई है। इसके चलते एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने के लिए अस्पतालों में पहुंचने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ी है। कुत्तों के हमलों का सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और सड़क पर आने-जाने वाले लोगों पर देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में लोगों ने आवारा कुत्तों के झुंड को लेकर शिकायतें की हैं। सुबह टहलने जाने वाले लोगों और बच्चों के बाहर खेलने को लेकर अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई कॉलोनियों और सड़कों पर आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ गई है। कई बार कुत्ते अचानक हमला कर देते हैं, जिससे लोग घायल हो जाते हैं। लोगों ने नगर निगम से आवारा कुत्तों को नियंत्रित करने और सुरक्षा के उपाय करने की मांग की है। डॉक्टरों के अनुसार, कुत्ते के काटने के बाद तुरंत इलाज कराना जरूरी होता है। घाव को साफ पानी और साबुन से धोना चाहिए और जल्द से जल्द एंटी रेबीज वैक्सीन लगवानी चाहिए। रेबीज एक गंभीर बीमारी है, इसलिए लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि डॉग बाइट की घटनाओं को कम करने के लिए आवारा कुत्तों की नसबंदी, टीकाकरण और उचित प्रबंधन जरूरी है। साथ ही लोगों को भी कुत्तों के व्यवहार को समझने और सावधानी बरतने की जरूरत है।
नगर निकायों की ओर से समय-समय पर आवारा कुत्तों को लेकर अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन बढ़ते मामलों को देखते हुए लगातार निगरानी और प्रभावी कदम उठाने की जरूरत महसूस की जा रही है। गाजियाबाद में बढ़ते डॉग बाइट मामलों ने लोगों की सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। अब प्रशासन के सामने चुनौती है कि आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने के साथ-साथ लोगों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराया जाए।
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