
x
रूस यूक्रेन युद्ध
कीव: रूस और यूक्रेन के बीच करीब पांच साल से जारी युद्ध को समाप्त करने की नई कूटनीतिक कोशिशों के बीच यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस के सामने अस्थायी हवाई युद्धविराम का प्रस्ताव रखा है। जेलेंस्की ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर की मॉस्को और कीव यात्रा के दौरान यूक्रेन की तरफ से रूस पर कोई हवाई हमला नहीं किया जाएगा। इसके बदले उन्होंने रूस से भी इसी अवधि में यूक्रेन पर हवाई हमले रोकने को कहा है। जेलेंस्की का प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब अमेरिका एक बार फिर रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म कराने के लिए सक्रिय हुआ है। ट्रंप ने पुष्टि की है कि विटकॉफ और कुशनर रूस तथा यूक्रेन की यात्रा कर रहे हैं। दोनों अमेरिकी दूत संभावित शांति समझौते को लेकर दोनों पक्षों से बातचीत करेंगे।
पहले मॉस्को फिर कीव जाएंगे अमेरिकी दूत
जेलेंस्की के मुताबिक विटकॉफ और कुशनर पहले मॉस्को जाएंगे और इसके बाद रविवार को कीव पहुंचने की योजना है। यूक्रेन अमेरिकी प्रतिनिधियों की यात्रा के लिए तैयारी कर रहा है। कीव चाहता है कि अमेरिकी मध्यस्थों के साथ होने वाली बातचीत सुरक्षित वातावरण में हो और इस दौरान हवाई हमलों का खतरा न रहे।
इसी संदर्भ में जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन अपनी ओर से हवाई हमले नहीं करेगा और रूस को भी जवाब में ऐसा ही करना चाहिए। उनका प्रस्ताव फिलहाल बातचीत और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा के लिए आवश्यक अवधि तक सीमित है। इसलिए इसे पूरे युद्धक्षेत्र में अनिश्चितकालीन युद्धविराम की घोषणा नहीं माना जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य शांति वार्ता के लिए एक अस्थायी सुरक्षित माहौल तैयार करना है।
ट्रंप के पास शांति का 'ठोस प्रस्ताव'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनके दूत रूस और यूक्रेन के सामने युद्ध समाप्त करने से संबंधित एक प्रस्ताव लेकर जा रहे हैं। हालांकि उन्होंने इसकी शर्तों का सार्वजनिक रूप से विस्तृत खुलासा नहीं किया है। विटकॉफ पहले भी कई बार मॉस्को की यात्रा कर चुके हैं, लेकिन ट्रंप के मौजूदा कार्यकाल में उनकी यह पहली कीव यात्रा होने वाली है। जेरेड कुशनर भी इस कूटनीतिक मिशन में उनके साथ हैं। अमेरिका की कोशिश दोनों पक्षों को एक ऐसे प्रारूप पर सहमत कराने की है जिससे लंबे समय से चल रहे युद्ध को समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।
शांति प्रस्ताव के बीच कीव पर हमला
एक तरफ युद्धविराम की कोशिशें चल रही हैं तो दूसरी तरफ युद्ध के मैदान में तनाव कम नहीं हुआ है। शुक्रवार को रूस के एक ड्रोन ने मध्य कीव में यूक्रेन की सुरक्षा सेवा SBU के मुख्यालय को निशाना बनाया। इस हमले में कई लोग घायल हुए। यूक्रेनी नेतृत्व ने इसे गंभीर घटनाक्रम बताया। इसी दौरान यूक्रेन की तरफ से भी रूस के भीतर लंबी दूरी के ड्रोन हमले किए गए। रूसी क्षेत्र में तेल डिपो को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आईं। इससे साफ है कि शांति वार्ता की कोशिशों के बावजूद दोनों तरफ सैन्य कार्रवाई अभी जारी है।
रूस की प्रतिक्रिया पर टिकी निगाहें
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि रूस जेलेंस्की के अस्थायी हवाई युद्धविराम के प्रस्ताव को स्वीकार करता है या नहीं। यूक्रेन ने अपनी ओर से अमेरिकी प्रतिनिधियों की यात्रा के दौरान हवाई हमले रोकने की पेशकश की है, लेकिन रूस की तरफ से समान प्रतिबद्धता ही इसे वास्तविक द्विपक्षीय युद्धविराम में बदल सकती है। इससे पहले भी रूस और यूक्रेन के बीच सीमित अवधि के युद्धविराम और हमले रोकने की कोशिशें हुई हैं, लेकिन दोनों पक्ष एक-दूसरे पर उल्लंघन के आरोप लगाते रहे हैं। इसी वजह से किसी नए समझौते को लागू करना बड़ी चुनौती होगा।
अमेरिका ने फिर तेज की मध्यस्थता
ट्रंप प्रशासन की ओर से रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त कराने के लिए पहले भी कई दौर की कोशिशें की गई हैं, लेकिन हाल के महीनों में बातचीत की रफ्तार धीमी पड़ गई थी। अब विटकॉफ और कुशनर की मॉस्को तथा कीव यात्रा के साथ कूटनीतिक प्रक्रिया फिर सक्रिय होती दिखाई दे रही है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी हाल में कहा था कि युद्ध समाप्त करने के लिए समझौते की संभावना मौजूद है, हालांकि अंतिम समाधान रूस और यूक्रेन को ही निकालना होगा। वहीं यूक्रेन का कहना है कि वह ऐसे वास्तविक विकल्प तलाशना चाहता है जिनसे युद्ध खत्म किया जा सके।
क्या पूर्ण युद्धविराम की तरफ बढ़ेगा मामला?
फिलहाल जेलेंस्की की पेशकश सीमित अवधि के हवाई हमलों को रोकने तक है। अगर रूस भी इस प्रस्ताव को स्वीकार करता है और अमेरिकी दूतों की यात्रा के दौरान दोनों तरफ से हमले रुकते हैं तो इसे आगे की शांति वार्ता के लिए विश्वास बहाली के कदम के रूप में देखा जा सकता है। इसके बाद असली चुनौती व्यापक युद्धविराम की शर्तों पर सहमति बनाने की होगी। इसमें क्षेत्रीय नियंत्रण, सुरक्षा गारंटी और युद्ध के बाद की व्यवस्था जैसे जटिल मुद्दे शामिल हैं। अमेरिकी प्रतिनिधियों की मॉस्को और कीव में होने वाली बातचीत इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दुनिया की नजर अब इस बात पर है कि रूस जेलेंस्की की अस्थायी हवाई युद्धविराम की पेशकश पर क्या प्रतिक्रिया देता है और विटकॉफ-कुशनर की मध्यस्थता किसी ठोस शांति प्रक्रिया की शुरुआत कर पाती है या युद्ध पहले की तरह जारी रहता है।
Next Story





