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महाराष्ट्र
मरीज की थाली में निकला कॉकरोच FDA ने अस्पताल की कैंटीन कराई बंद
nidhi
5 Sept 2026 7:38 AM IST

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अस्पताल के खाने में कॉकरोच
ठाणे: महाराष्ट्र के ठाणे स्थित नगर निगम संचालित छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल में मरीज को दिए गए खाने में कथित तौर पर कॉकरोच मिलने के बाद हड़कंप मच गया। मामला सामने आने के बाद महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने अस्पताल की कैंटीन और रसोई की जांच की। जांच में खाद्य सुरक्षा से जुड़े कई नियमों के उल्लंघन की बात सामने आने पर कैंटीन का संचालन तत्काल बंद करा दिया गया। अस्पताल प्रशासन ने कहा है कि FDA की पूरी जांच और औपचारिक अनुमति मिलने तक कैंटीन दोबारा शुरू नहीं होगी।
आंख की सर्जरी के लिए भर्ती था मरीज
मामला ठाणे के कलवा इलाके में स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल का है। 28 अगस्त को अस्पताल के वार्ड नंबर छह में आंख की सर्जरी के लिए भर्ती एक मरीज को रात का खाना दिया गया था। आरोप है कि भोजन की थाली में कॉकरोच मिला। घटना की जानकारी सामने आने के बाद अस्पताल में दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए। मामले की तस्वीरें और जानकारी सामने आने के बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के पदाधिकारियों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। कार्यकर्ताओं ने डीन डॉ. स्वप्नाली कदम के कार्यालय में धरना देकर जिम्मेदार ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने भोजन सप्लाई करने वाले ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की मांग भी उठाई।
FDA की जांच में मिलीं खामियां
विवाद बढ़ने के बाद FDA अधिकारियों ने अस्पताल की रसोई का निरीक्षण किया। जांच में खाद्य सुरक्षा से जुड़े कई नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई। इसके बाद अधिकारियों ने कैंटीन सेवाओं को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया। FDA ने भोजन उपलब्ध कराने वाले ठेकेदार राम कैटरर्स के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की है। अस्पताल की डीन डॉ. स्वप्नाली कदम ने बताया कि FDA की पूरी जांच होने और विभाग की औपचारिक मंजूरी मिलने तक ठेकेदार को कैंटीन दोबारा शुरू करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इससे साफ है कि कैंटीन को दोबारा खोलने से पहले खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों को लेकर FDA की मंजूरी जरूरी होगी।
मरीजों के भोजन की वैकल्पिक व्यवस्था
कैंटीन बंद होने से अस्पताल में भर्ती मरीजों को परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन ने वैकल्पिक भोजन व्यवस्था की है। मरीजों को समय पर सुरक्षित और स्वच्छ खाना उपलब्ध कराने के लिए फिलहाल दूसरी व्यवस्था से भोजन मंगाया जा रहा है। कैंटीन से जुड़ी जांच पूरी होने तक यही व्यवस्था जारी रहने की बात कही गई है। इस घटना के बाद अस्पतालों में मरीजों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। अस्पताल में भर्ती मरीज पहले ही स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे होते हैं। ऐसे में उनके भोजन में साफ-सफाई की लापरवाही संक्रमण और दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ा सकती है।
ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की मांग
MNS के जनहित एवं विधि विभाग के ठाणे शहर अध्यक्ष स्वप्निल महिंद्रकर ने मांग की है कि केवल कैंटीन बंद करना पर्याप्त नहीं है। संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट कर भविष्य में ठाणे महानगरपालिका का कोई काम नहीं दिया जाना चाहिए। यह मांग राजनीतिक संगठन की ओर से की गई है और इस पर अंतिम निर्णय संबंधित प्रशासन को लेना है। फिलहाल FDA की कार्रवाई के बाद अस्पताल की कैंटीन बंद है और मामले की जांच जारी है। पूरी जांच के बाद ही कैंटीन के भविष्य और ठेकेदार के खिलाफ आगे की कार्रवाई पर फैसला होगा। मरीज के खाने में कॉकरोच मिलने की शिकायत ने सरकारी अस्पतालों में भोजन की गुणवत्ता, रसोई की साफ-सफाई और नियमित निरीक्षण की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है।
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