दिल्ली-एनसीआर

निशु आजाद मामले में दिल्ली पुलिस सख्त स्वतंत्र भारद्वाज पर नई FIR

nidhi
5 Sept 2026 7:27 AM IST
निशु आजाद मामले में दिल्ली पुलिस सख्त स्वतंत्र भारद्वाज पर नई FIR
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जंतर मंतर विवाद

नई दिल्ली: निशु आजाद से जुड़े जंतर-मंतर विवाद में स्वतंत्र भारद्वाज की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली पुलिस ने एक शिकायत के आधार पर नाबालिग पीड़िता से जुड़े आरोपों को लेकर यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत नई एफआईआर दर्ज की है। इसके साथ ही निशु आजाद के पिता संजय कुमार से कथित मारपीट से जुड़े पहले से दर्ज मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं भी जोड़ी गई हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नई एफआईआर दर्ज होने तक भारद्वाज को गिरफ्तार नहीं किया गया था। मामला दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए एक प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प से जुड़ा है। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ मारपीट हुई थी और उनके सिर पर चोट आई थी। इस घटना के बाद स्वतंत्र भारद्वाज पर कार्रवाई की मांग लगातार उठ रही थी।

वायरल पॉडकास्ट के बाद फिर गरमाया मामला
मामले ने उस समय नया मोड़ लिया जब स्वतंत्र भारद्वाज का एक पॉडकास्ट क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार क्लिप में वह संजय कुमार के साथ हुई मारपीट को लेकर दावे करता दिखाई दिया। इसके बाद निशु आजाद और उनके समर्थकों ने दिल्ली पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग तेज कर दी। हालांकि भारद्वाज ने बाद में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि घटना के दौरान उसने आत्मरक्षा में कार्रवाई की थी। उसने आरोप लगाया कि उसे लोगों ने घेर लिया था और यदि उसने अपना बचाव नहीं किया होता तो उसके साथ गंभीर हिंसा हो सकती थी। इस तरह घटना को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं और इनकी सत्यता पुलिस जांच में तय होगी।
संसद मार्ग थाने के बाहर हुआ प्रदर्शन
स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP से जुड़े कार्यकर्ताओं ने संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया। प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर मामले में सख्त कानूनी धाराएं जोड़ने और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। प्रदर्शन के बाद पुलिस ने मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिया था। प्रदर्शनकारियों की मांगों में संजय कुमार पर कथित हमले के मामले में एससी-एसटी एक्ट की धाराएं जोड़ने के साथ निशु आजाद को कथित रूप से निशाना बनाकर दी गई धमकियों और अन्य आरोपों की जांच भी शामिल थी। इसके बाद पुलिस ने पहले से दर्ज एफआईआर में एससी-एसटी एक्ट जोड़ दिया।
नाबालिग से जुड़े आरोपों पर POCSO की नई FIR
दिल्ली पुलिस के मुताबिक एक शिकायत में पीड़िता के नाबालिग होने के कारण POCSO अधिनियम के तहत अलग एफआईआर दर्ज की गई है। इसका अर्थ यह है कि संजय कुमार से कथित मारपीट का मामला और नाबालिग से जुड़े आरोप कानूनी रूप से अलग-अलग जांच के दायरे में हैं। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। POCSO जैसे गंभीर कानून के तहत एफआईआर दर्ज होने के बावजूद आरोपों को अभी सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता। उनकी पुष्टि जांच, साक्ष्यों और आगे की न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।
बुलंदशहर तक पहुंची दिल्ली पुलिस
इसी बीच दिल्ली पुलिस की टीम स्वतंत्र भारद्वाज की तलाश करते हुए उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर पहुंची। रिपोर्टों के मुताबिक उसे वहां हिरासत में लिया गया। हालांकि बाद में दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि उस समय तक उसकी औपचारिक गिरफ्तारी नहीं की गई थी। हिरासत और गिरफ्तारी कानूनी रूप से अलग प्रक्रियाएं हैं। इस घटनाक्रम के बाद मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया। घटना से जुड़े पुराने और नए वीडियो सामने आने के बाद दोनों पक्ष अपने-अपने दावे कर रहे हैं। पुलिस के लिए अब वीडियो फुटेज, शिकायतों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच महत्वपूर्ण होगी।
मामले में आगे क्या?
नई एफआईआर और पुरानी एफआईआर में एससी-एसटी एक्ट जुड़ने के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है। पुलिस को अब नाबालिग से संबंधित शिकायत में लगाए गए आरोपों की अलग जांच करनी होगी। साथ ही जंतर-मंतर पर हुई मूल झड़प में स्वतंत्र भारद्वाज और अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल जारी है।
फिलहाल स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ लगे आरोप जांच के अधीन हैं। उसके आत्मरक्षा वाले दावे और शिकायतकर्ता पक्ष के आरोपों के बीच वास्तविक घटनाक्रम क्या था, इसका निर्धारण पुलिस जांच और अदालत में पेश होने वाले साक्ष्यों से होगा। निशु आजाद मामले में POCSO के तहत नई एफआईआर और पहले से दर्ज मामले में एससी-एसटी एक्ट जुड़ने के बाद विवाद अब गंभीर कानूनी चरण में पहुंच गया है। आने वाले दिनों में पुलिस जांच से यह साफ होने की उम्मीद है कि अलग-अलग शिकायतों और वायरल वीडियो से जुड़े दावों में कितनी सच्चाई है।
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