प्रयागराज: उत्तर प्रदेश में अवैध कफ सीरप के कारोबार के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने कार्रवाई करते हुए एक नेटवर्क का खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि जयंतीपुर, धूमनगंज निवासी मुख्य आरोपी आशुतोष उर्फ प्रवेश तिवारी लंबे समय से अवैध कफ सीरप के कारोबार से जुड़ा हुआ था।

STF के मुताबिक, आरोपी को लेकर जांच में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और सप्लाई चेन की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।

दिल्ली से मंगवाता था कोडीनयुक्त कफ सीरप

जांच एजेंसी के अनुसार, मुख्य आरोपी आशुतोष मूल रूप से अयोध्या का रहने वाला है। STF को जानकारी मिली है कि वह लंबे समय से अवैध तरीके से कोडीनयुक्त कफ सीरप की खरीद और बिक्री में शामिल था।

पुलिस के अनुसार, कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी ने कथित तौर पर भीरपुर करछना निवासी जतिन मिश्रा उर्फ शिवम मिश्रा की फर्म नोवोटिक लाइफ साइंसेज के नाम का इस्तेमाल किया।

आरोप है कि इसी फर्म के माध्यम से दिल्ली से कोडीनयुक्त अवैध कफ सीरप मंगवाकर अलग-अलग जिलों में सप्लाई किया जाता था।

STF ने की कार्रवाई

STF ने रविवार रात इस मामले में कार्रवाई की। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

मामले में दारोगा विनय तिवारी की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसमें आशुतोष के अलावा अंकेश प्रजापति, उसके भाई अमित, शनि जायसवाल, आशु और शिवम निवासी प्रयागराज को आरोपी बनाया गया है।

तीन आरोपियों की गिरफ्तारी

STF की कार्रवाई में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल सभी लोगों तक पहुंचने के लिए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

फर्जी फर्म के इस्तेमाल की जांच

जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि नोवोटिक लाइफ साइंसेज फर्म का इस्तेमाल किस तरह किया गया और क्या फर्म की जानकारी संबंधित लोगों को थी।

इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि अवैध कफ सीरप की सप्लाई किन-किन जिलों में की गई थी और इस नेटवर्क में कितने लोग जुड़े हैं।

अवैध दवा कारोबार पर STF की नजर

कोडीनयुक्त कफ सीरप का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए पुलिस और जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। ऐसे मामलों में अवैध तरीके से दवाओं की बिक्री और सप्लाई करने वालों पर कार्रवाई की जाती है।

STF का उद्देश्य इस तरह के नेटवर्क को खत्म करना और इसमें शामिल लोगों की पहचान करना है।

आरोपियों से पूछताछ जारी

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान अवैध कफ सीरप सप्लाई से जुड़े कई अहम सुराग मिल सकते हैं।

जांच एजेंसियां आरोपियों के संपर्क, लेन-देन और सप्लाई चैन की जानकारी जुटा रही हैं।

आगे और गिरफ्तारी की संभावना

STF अधिकारियों के अनुसार, जांच अभी जारी है। शुरुआती जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।

पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था और इससे कितने लोग जुड़े हुए हैं।

अवैध कफ सीरप कारोबार के खिलाफ STF की इस कार्रवाई के बाद दवा तस्करी से जुड़े नेटवर्क में हड़कंप मचा हुआ है। जांच पूरी होने के बाद मामले में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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