वृंदावन की यह कला-संस्कृति पर्व हमारे हृदय के सबसे करीब, देशभर के कलाकार कर रहे
Vrindavan वृंदावन: चल रहे कला, संस्कृति और परंपरा के इस भव्य उत्सव में भाजपा सांसद एवं प्रसिद्ध अभिनेत्री हेमा मालिनी ने कहा कि यह पर्व हमारे हृदय के सबसे करीब है। यह आयोजन हमारी भारतीय संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम है, जिसमें देशभर से कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।
हेमा मालिनी ने कहा, “यह उत्सव हमारे दिल के बहुत करीब है। इसे हमारी कला, संस्कृति और परंपराओं को आगे ले जाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। यह हमारे लिए एक शानदार अवसर है कि हम वृंदावन की इस पावन भूमि से कला के प्रचार-प्रसार को नई दिशा दें।” उन्होंने बताया कि इस आयोजन में महाराष्ट्र, मुंबई और देश के विभिन्न हिस्सों से कलाकार भाग ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत रखने के लिए ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन अत्यंत आवश्यक है। “हम आगे भी इस तरह की परंपराओं को जीवित रखने और कला को प्रोत्साहित करने का कार्य जारी रखेंगे। मैं सभी लोगों से अनुरोध करती हूं कि वे वृंदावन आएं और इस भव्य कार्यक्रम का साक्षी बनें,” सांसद हेमा मालिनी ने कहा।
इस अवसर पर मंच पर पारंपरिक लोकनृत्य, शास्त्रीय संगीत और रंगमंच की शानदार प्रस्तुतियां हुईं। दर्शक दीर्घा में स्थानीय नागरिकों के साथ बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक भी मौजूद रहे। पूरा माहौल भक्ति और कला के संगम में डूबा नजर आया।
कार्यक्रम में स्थानीय प्रशासन और सांस्कृतिक संस्थाओं ने भी सहयोग दिया। आयोजकों ने बताया कि इस वर्ष का पर्व ‘संस्कृति संगम 2025’ के नाम से आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य वृंदावन को वैश्विक सांस्कृतिक मानचित्र पर एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है। हेमा मालिनी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “एक भारत श्रेष्ठ भारत” के विजन को साकार करने के लिए ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।