स्वस्थ भारत की स्थापना में भी शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण, डेढ़ सौ टी.बी रोगियों में पोषण पोटली का हुआ वितरण

Update: 2025-02-28 13:13 GMT
Kushinagar राजापाकड़/कुशीनगर : शैक्षणिक दायित्व के साथ टी.बी. रोगियों में डेढ़ सौ पोषण पोटली का वितरण सुनिश्चित कराना एक अनुकरणीय पहल है। इससे टीबी मुक्त भारत अभियान को गति मिलेगी।यह बातें बीएसए कुशीनगर डॉ राम मौर्य ने कही।वह बृहस्पतिवार की शाम फाजिलनगर बीआरसी परिसर में आयोजित टीबी मुक्त भारत अभियान के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने आगे कहा कि 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत का यह अभियान अभी 24 मार्च तक चलना है।इसकी समस्त दवाएं सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क मौजूद हैं। इस पहल के तहत रोगियों को पोषण पोटली प्रदान की गई है जिसमें चना, गुड़, सोयाबीन और मूंगफली के दाने जैसी पौष्टिक खाद्य सामग्री शामिल है। यह उपहार आगे भी जारी रखा जाएगा।कार्यक्रम के नोडल डॉ आशुतोष मिश्र ने कहा कि टीबी के इलाज में नियमित दवाओं के साथ-साथ प्रोटीनयुक्त आहार का सेवन भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि समय पर बीमारी की पहचान और इलाज टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य प्राप्त करने में मददगार होगा।रोगी कोई भी संकोच न करते हुए अपना इलाज तुरंत शुरु करें और खुद को स्वस्थ बनाएं।
आयोजक खंड शिक्षा अधिकारी फाजिलनगर विजय पाल त्रिपाठी ने शिक्षकों की सराहना करते हुए बताया गया कि 150 शिक्षकों द्वारा पोषण पोटली प्रदान कराई गई थी। निश्चित रूप से यह एक प्रशंसनीय कार्य है।आगे भी हम सभी की भागीदारी जारी रहेगी।इस दौरान शिक्षक नेता भगवंत सिंह,हरेंद्र चौरसिया, विद्यासागर पांडेय,फरहद अली,रामेश्वर सिंह, इमरान अली,जुबैर अंसारी,अफजल अली राजेश अनिरुद्ध शर्मा, केशव शर्मा निक्षय मित्र,एनएनएम ,आशा कार्यकर्ता आदि मौजूद रहे।
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