Muzaffarnagar मुजफ्फरनगर : उत्तर प्रदेश की राजनीति में इंडिया गठबंधन को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता इमरान मसूद के हालिया बयान के बाद अब समाजवादी पार्टी के मुजफ्फरनगर सांसद हरेंद्र मलिक ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने विपक्षी दलों के नेताओं से अपील की है कि वे सार्वजनिक मंचों से एक-दूसरे पर बयानबाजी करने के बजाय भाजपा की नीतियों और सरकार के कामकाज पर सवाल उठाएं।
हरेंद्र मलिक ने कहा कि विपक्ष का सबसे बड़ा दायित्व जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाना है। उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याएं, युवाओं के मुद्दे और प्रशासनिक व्यवस्था जैसे विषयों पर विपक्ष को एकजुट होकर सरकार को घेरना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर विपक्षी दल आपस में ही एक-दूसरे के खिलाफ बयान देंगे तो इससे विपक्षी एकता कमजोर होगी और इसका राजनीतिक फायदा भाजपा को मिलेगा।
शनिवार को मीडिया से बातचीत के दौरान सपा सांसद ने कहा कि इमरान मसूद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और उनका अपना राजनीतिक अनुभव है, लेकिन गठबंधन से जुड़े मुद्दों पर सार्वजनिक बयान देने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन की भावना आपसी समन्वय और साझा रणनीति पर आधारित है। ऐसे में सहयोगी दलों के नेताओं को अपनी बात उचित मंच पर रखनी चाहिए।
हरेंद्र मलिक ने कहा कि अगर किसी नेता को गठबंधन या किसी सहयोगी दल को लेकर कोई आपत्ति है तो उसे मीडिया के सामने रखने के बजाय पार्टी नेतृत्व से चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जैसे वरिष्ठ नेता ऐसे मामलों पर विचार करने और निर्णय लेने में सक्षम हैं।
सपा सांसद ने स्पष्ट किया कि विपक्ष की लड़ाई भाजपा की नीतियों और सरकार के फैसलों को लेकर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता के सामने विपक्ष की एकजुट तस्वीर जानी चाहिए, क्योंकि लोकतंत्र में मजबूत विपक्ष की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि सभी सहयोगी दलों को संयमित भाषा का इस्तेमाल करते हुए साझा मुद्दों पर आगे बढ़ना चाहिए।
हरेंद्र मलिक ने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस चुनाव में वह और इमरान मसूद दोनों चुनाव मैदान में थे और दोनों को हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद जनता ने उन्हें समाजवादी पार्टी के टिकट पर सांसद चुना, जबकि इमरान मसूद भी विपक्षी गठबंधन के सहयोग से संसद पहुंचे। उन्होंने कहा कि गठबंधन की ताकत बनाए रखना सभी नेताओं की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन का उद्देश्य देश में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना और जनता की समस्याओं को संसद और सड़क तक मजबूती से उठाना है। ऐसे में व्यक्तिगत मतभेदों को पीछे छोड़कर सभी दलों को साझा एजेंडे पर काम करना चाहिए।
हरेंद्र मलिक के बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इंडिया गठबंधन के भीतर तालमेल और नेतृत्व को लेकर समय-समय पर उठने वाले सवाल आने वाले दिनों में भी चर्चा का विषय बने रह सकते हैं।
अब सभी की नजर कांग्रेस नेतृत्व और इमरान मसूद की अगली प्रतिक्रिया पर है। माना जा रहा है कि गठबंधन के अंदर की रणनीति और भविष्य की राजनीति को लेकर आने वाले समय में और बयान सामने आ सकते हैं। वहीं, सपा की ओर से दिया गया यह संदेश साफ है कि विपक्षी दलों को आपसी विवादों से बचते हुए भाजपा के खिलाफ साझा मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।