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CM योगी बोले- 2017 से पहले अराजकता, अब यूपी में विकास और शांति

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की मौजूदा स्थिति की तुलना 2017 से पहले के दौर से करते हुए अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब थी और आम लोगों, युवाओं तथा व्यापारियों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता था। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में विकास, निवेश और समृद्धि का नया वातावरण बना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में हालात ऐसे थे कि लगभग हर जिले में दंगे होते थे, थानों में माफिया का प्रभाव था और कई क्षेत्रों में अलग-अलग सिंडिकेट सक्रिय थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इन परिस्थितियों का सबसे ज्यादा असर युवाओं के भविष्य और रोजगार के अवसरों पर पड़ा।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले अपराध और अव्यवस्था के कारण प्रदेश की छवि प्रभावित हुई थी। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं, जिसके परिणामस्वरूप आज राज्य में निवेश का माहौल बना है और लोग सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2007 से 2017 के बीच प्रदेश की कई चीनी मिलों को बंद किया गया या बेच दिया गया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने किसानों और चीनी उद्योग को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, अब प्रदेश में चीनी मिलों का संचालन बेहतर तरीके से हो रहा है और किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जा रही है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब पहले जैसी स्थिति नहीं है। उन्होंने कहा, "आज प्रदेश में न कर्फ्यू है और न दंगा है, अब सब चंगा है।" मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सरकार की नीतियों के कारण राज्य में शांति और विकास का वातावरण तैयार हुआ है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और उद्योग के क्षेत्र में बड़े स्तर पर काम हुआ है। सरकार ने आधारभूत ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया है, जिससे राज्य में निवेश की संभावनाएं बढ़ी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब देश की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं के रोजगार का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पहले अपराध और भ्रष्टाचार के कारण रोजगार के अवसर प्रभावित होते थे। वर्तमान सरकार ने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, कौशल विकास और निवेश को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए नए अवसर तैयार किए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश को ऐसा राज्य बनाना है जहां हर वर्ग को विकास का लाभ मिले। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि कानून का राज स्थापित होने से व्यापारियों और निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और बड़ी कंपनियां उत्तर प्रदेश में निवेश करने के लिए आगे आ रही हैं।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, मुख्यमंत्री का यह बयान सरकार की उपलब्धियों को जनता के सामने रखने और विपक्ष की नीतियों पर सवाल उठाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और विकास लंबे समय से राजनीतिक बहस के प्रमुख मुद्दे रहे हैं।
हालांकि, विपक्षी दल समय-समय पर सरकार के दावों पर सवाल उठाते रहे हैं और रोजगार, महंगाई तथा अन्य मुद्दों को लेकर सरकार की आलोचना करते हैं। उनका कहना है कि विकास के दावों के साथ-साथ आम लोगों की समस्याओं पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में दोहराया कि उनकी सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में सुरक्षा, विकास और सुशासन को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब बदल रहा है और आने वाले समय में यह देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री के बयान के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर कानून-व्यवस्था और विकास के मुद्दे चर्चा में आ गए हैं। सरकार जहां अपनी उपलब्धियों को प्रमुखता से सामने रख रही है, वहीं विपक्ष इन दावों पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहा है।





