सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्तीकरण मामले को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) ने इस मामले को लेकर सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को सहारनपुर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेगा और प्रभावित लोगों से मुलाकात करेगा। वहीं, प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कई सपा नेताओं को हाउस अरेस्ट कर दिया है।
मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सपा नेताओं का आरोप है कि प्रशासन ने बिना उचित प्रक्रिया के कार्रवाई की, जबकि प्रशासन की ओर से कहा जा रहा है कि कार्रवाई नियमों और कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है।
सपा प्रतिनिधिमंडल करेगा मौके का दौरा
समाजवादी पार्टी की ओर से गठित प्रतिनिधिमंडल सहारनपुर पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी जुटाएगा। पार्टी नेताओं का कहना है कि वे स्थानीय लोगों से बातचीत करेंगे और प्रशासनिक कार्रवाई की वास्तविक स्थिति को समझेंगे।
सपा का कहना है कि किसी भी धार्मिक स्थल से जुड़े मामले में संवेदनशीलता और कानून के अनुसार प्रक्रिया का पालन होना चाहिए। पार्टी नेताओं ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
नेताओं को घरों में किया गया नजरबंद
प्रतिनिधिमंडल के दौरे से पहले प्रशासन ने कई स्थानीय सपा नेताओं पर निगरानी बढ़ा दी है। कुछ नेताओं को उनके घरों में ही रोक दिया गया है, ताकि क्षेत्र में किसी तरह की स्थिति न बिगड़े।
प्रशासन का कहना है कि शांति व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है। किसी भी तरह की भीड़ या तनावपूर्ण स्थिति को रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
प्रशासन ने बताई कार्रवाई की वजह
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, संबंधित मस्जिद निर्माण को लेकर नियमों के उल्लंघन की शिकायतें मिली थीं। जांच के बाद कार्रवाई की गई। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम कानून के तहत उठाया गया है और इसमें किसी पक्ष के साथ भेदभाव नहीं किया गया।
वहीं, स्थानीय लोगों के एक वर्ग ने कार्रवाई का विरोध किया है और इसे गलत बताया है। इसी को लेकर अब राजनीतिक विवाद भी बढ़ गया है।
सपा ने सरकार पर लगाए आरोप
सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में एकतरफा कार्रवाई की जा रही है। पार्टी ने कहा कि प्रशासन को सभी पक्षों को सुनने के बाद ही कोई कदम उठाना चाहिए।
सपा नेताओं का कहना है कि प्रतिनिधिमंडल की रिपोर्ट के आधार पर पार्टी आगे की रणनीति तय करेगी।
सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सहारनपुर में पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखी जा रही है ताकि भड़काऊ संदेशों को फैलने से रोका जा सके।
राजनीतिक विवाद गहराने की आशंका
मस्जिद ध्वस्तीकरण का मुद्दा अब स्थानीय विवाद से निकलकर राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। विपक्ष इसे कानून व्यवस्था और प्रशासनिक कार्रवाई से जोड़ रहा है, जबकि सत्तापक्ष इसे नियमों के पालन से जुड़ा मामला बता रहा है।
आने वाले दिनों में सपा प्रतिनिधिमंडल की रिपोर्ट और प्रशासन की कार्रवाई पर राजनीतिक प्रतिक्रिया और तेज होने की संभावना है।
फिलहाल प्रशासन की नजर कानून व्यवस्था बनाए रखने पर है, जबकि सपा इस मामले को लेकर अपनी आवाज बुलंद करने की तैयारी में है।
Tags: