यूपी में सांपों का कहर, छात्र की मौत

Update: 2026-07-28 04:05 GMT

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के बागपत और बाराबंकी जिलों से सांप के काटने की दो अलग-अलग घटनाएं सामने आई हैं, जिन्होंने लोगों में चिंता बढ़ा दी है। बागपत के बिनौली गांव में एक ही परिवार के सदस्यों को बार-बार सांप के काटने की घटनाओं ने ग्रामीणों को हैरान कर दिया है, जबकि बाराबंकी में स्कूल परिसर में सांप के काटने से एक तीसरी कक्षा के छात्र की इलाज के दौरान मौत हो गई। दोनों घटनाओं के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

बागपत में परिवार पर बार-बार सांप के हमले का दावा

बागपत जिले के बिनौली गांव में सोमवार शाम एक युवती को सांप ने कथित रूप से डस लिया। परिजनों के अनुसार, यह पिछले एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार है जब उसी युवती को सांप ने काटा है। सांप के काटते ही परिवार के लोग घबरा गए और उसे तुरंत बिनौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले गए।

अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने युवती की हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार जारी है। फिलहाल उसकी स्थिति पर चिकित्सकीय निगरानी रखी जा रही है।

परिवार का कहना है कि यह घटना कोई पहली नहीं है। उनका दावा है कि युवती के भाई को भी पिछले एक महीने के दौरान पांच बार सांप डस चुका है। लगातार हो रही इन घटनाओं के कारण परिवार भय और मानसिक तनाव में जी रहा है। उनका कहना है कि वे हर समय सतर्क रहते हैं, फिर भी सांप बार-बार घर के आसपास दिखाई देता है।

ग्रामीणों के बीच भी इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। हालांकि वन विभाग और विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाओं की पुष्टि वैज्ञानिक और तथ्यात्मक जांच के आधार पर ही की जा सकती है। यदि किसी क्षेत्र में बार-बार सांप दिखाई दे रहे हैं, तो उसके पीछे पर्यावरणीय कारण, आसपास के खेत, बिल या अन्य प्राकृतिक परिस्थितियां हो सकती हैं।

वन विभाग से कार्रवाई की मांग

परिजनों और ग्रामीणों ने वन विभाग से गांव में अभियान चलाकर सांप को पकड़ने और क्षेत्र की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक सांप को पकड़ा नहीं जाता, तब तक परिवार के लोगों में डर बना रहेगा। स्थानीय लोगों ने घरों और आसपास के इलाकों में विशेष जांच कराने तथा आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने की भी मांग की है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात के मौसम में सांप अक्सर अपने बिलों से बाहर निकल आते हैं और रिहायशी क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं। ऐसे समय लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए, घर के आसपास साफ-सफाई रखनी चाहिए और किसी भी सांप को पकड़ने का प्रयास स्वयं नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग या संबंधित अधिकारियों को सूचना देना सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है।

बाराबंकी में स्कूल में छात्र को सांप ने डसा

दूसरी ओर, बाराबंकी जिले से एक दुखद घटना सामने आई है। यहां एक प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले तीसरी कक्षा के छात्र को स्कूल परिसर में सांप ने काट लिया। बताया गया कि घटना के समय बच्चा स्कूल में मौजूद था। सांप के काटने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी।

परिजनों का आरोप है कि बच्चे को समय पर उचित चिकित्सा नहीं मिल सकी। इलाज में हुई देरी के कारण उसकी हालत लगातार गंभीर होती गई और बाद में उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है और गांव में भी गहरा दुख व्याप्त है।

घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी भी सक्रिय हुए। मामले की जानकारी जुटाई जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि बच्चे को अस्पताल पहुंचाने में कहीं कोई लापरवाही तो नहीं हुई।

विशेषज्ञों ने बरसात में सतर्क रहने की दी सलाह

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सांप के काटने की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार पर भरोसा करने के बजाय तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पहुंचना चाहिए। यदि सांप विषैला हो, तो समय पर एंटी-स्नेक वेनम (एएसवी) और चिकित्सकीय उपचार मरीज की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

वन्यजीव विशेषज्ञों का भी कहना है कि सभी सांप विषैले नहीं होते, लेकिन किसी भी सांप के काटने को गंभीरता से लेना चाहिए। प्रभावित व्यक्ति को शांत रखना, प्रभावित अंग की अनावश्यक गतिविधि कम करना और जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना सबसे महत्वपूर्ण कदम हैं।

प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल

दोनों घटनाओं के बाद स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर भी सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में सांप निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, इसलिए अस्पतालों में पर्याप्त दवाएं और प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मी उपलब्ध होने चाहिए। साथ ही स्कूलों और गांवों में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को सांप के काटने पर सही प्राथमिक उपचार और तत्काल चिकित्सा सहायता के बारे में जानकारी दी जानी चाहिए।

फिलहाल बागपत में युवती का उपचार जारी है, जबकि बाराबंकी में छात्र की मौत के मामले में संबंधित अधिकारी पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रहे हैं। दोनों घटनाओं ने एक बार फिर बरसात के मौसम में सांपों से बचाव, समय पर उपचार और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता को रेखांकित किया है

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