Lucknow लखनऊ : स्मार्ट मीटरों को लेकर उपभोक्ताओं से मिल रही शिकायतों के बीच एक नया विवाद सामने आया है। बिजली कंपनियों ने बिना उपभोक्ताओं की सहमति के 2.54 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर को प्रीपेड मोड में बदल दिया, जिससे उपभोक्ताओं की सुरक्षा राशि से मीटर रिचार्ज हो गए। इस कदम को लेकर राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने नियामक आयोग में विरोध दर्ज कराया है।
परिषद का कहना है कि यह कदम विद्युत अधिनियम का उल्लंघन है। इसके साथ ही परिषद ने मीटर की गुणवत्ता और अनिवार्य स्थापना को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उपभोक्ताओं को बिना सूचित किए इस बदलाव के कारण भारी असुविधा हो रही है, और वे अपनी जमा राशि को लेकर चिंतित हैं।