आगरा : ढाबा संचालक बीटू लवानिया की हत्या के मामले में शुरुआती विवाद और उसके बाद हुए घटनाक्रम की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि बीटू के मित्रों देवा और रवि से विवाद के दौरान सिपाही जैकी चौधरी ने देख लेने की धमकी दी थी। धमकी देने के करीब 20 मिनट बाद वह वापस लौटा और पिस्टल से बीटू की हत्या करके फरार हो गया। पुलिस की प्रारंभिक छानबीन में देवा और रवि का जैकी तथा उसके साथी सोनू से पहले विवाद होने की बात सामने आई है।
शनिवार को पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि पुलिस उनके साथ है। ढाबा संचालक की हत्या के बाद हुई इस मुलाकात में पुलिस आयुक्त ने परिवार के प्रति समर्थन व्यक्त किया। दूसरी ओर, प्रारंभिक छानबीन में पुलिस उस घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है, जिसमें पहले देवा और रवि का विवाद हुआ और बाद में बीटू को गोली मार दी गई।
पुलिस की शुरुआती छानबीन के अनुसार, घटना से करीब एक घंटे पहले देवा और रवि का सिपाही जैकी चौधरी तथा उसके साथी सोनू से विवाद हुआ था। इसके बाद देवा और रवि बीटू के ढाबे पर आ गए। दोनों बीटू के मित्र हैं। इस तरह शुरुआती विवाद में शामिल लोगों के ढाबे पर पहुंचने के बाद घटनाक्रम आगे बढ़ा। विवाद किस बात को लेकर शुरू हुआ था, इसका विस्तृत कारण उपलब्ध जानकारी में नहीं बताया गया है।
देवा और रवि के ढाबे पर आने के बाद बीटू को उनके विवाद की जानकारी हुई। उसने दोनों को ढाबे के पास खड़े एक ऑटो में बैठा दिया और उनसे बातचीत करने लगा। पुलिस की प्रारंभिक छानबीन में सामने आया यह विवरण हत्या से पहले की परिस्थितियों से संबंधित है। बीटू अपने मित्रों से बात कर रहा था। हालांकि, बातचीत में क्या कहा गया और उस समय वहां अन्य कौन लोग मौजूद थे, इसकी जानकारी नहीं दी गई है।
आरोपित सिपाही जैकी चौधरी की ओर से देख लेने की धमकी दिए जाने का आरोप भी सामने आया है। बताया गया है कि धमकी देने के लगभग 20 मिनट बाद वह लौट आया। इसके बाद उसने पिस्टल से ढाबा संचालक की हत्या कर दी और वहां से फरार हो गया। मामले में धमकी तथा उसके बाद लौटकर गोली चलाने का घटनाक्रम प्रमुख है। उपलब्ध विवरण में चलाई गई गोलियों की संख्या या हमले का अन्य विस्तृत ब्यौरा नहीं है।
शुरुआती विवाद देवा और रवि का जैकी तथा सोनू से हुआ था, जबकि हत्या बीटू लवानिया की हुई। यही अंतर इस मामले के घटनाक्रम में महत्वपूर्ण है। विवाद की जानकारी मिलने पर बीटू ने अपने दोनों मित्रों को ऑटो में बैठाया और उनसे बातचीत शुरू की थी। इसके बाद उस पर गोली चलाए जाने का आरोप है। बीटू को निशाना बनाए जाने के पीछे की पूरी परिस्थितियां प्रारंभिक जानकारी से स्पष्ट नहीं होतीं।
देवा और आरोपित सिपाही जैकी, दोनों की इलाके में दबंग छवि बताई जाती है। देवा के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज होने और उसके पहले जेल जा चुके होने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, देवा के पुराने मुकदमों का विवरण उपलब्ध नहीं है। उसकी पृष्ठभूमि और मौजूदा घटना में किसी व्यक्ति की भूमिका अलग विषय हैं। हत्या के मामले में सामने आए आरोप सिपाही जैकी चौधरी के कथित कृत्य से संबंधित हैं।
जैकी के साथ शुरुआती विवाद के समय सोनू की मौजूदगी का उल्लेख पुलिस की प्रारंभिक छानबीन में है। देवा और रवि का विवाद दोनों से हुआ था। लेकिन उपलब्ध विवरण में गोली चलाने का आरोप जैकी पर लगाया गया है। सोनू की हत्या के समय मौजूदगी अथवा उसके किसी अन्य कृत्य की जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए शुरुआती विवाद में उसकी मौजूदगी से आगे की भूमिका के बारे में अतिरिक्त निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
घटना के बाद आरोपित सिपाही के फरार होने की जानकारी है। उसकी गिरफ्तारी, पिस्टल की बरामदगी या किसी अन्य कार्रवाई का विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है। फिलहाल सामने आए तथ्य विवाद, धमकी, ढाबे पर देवा और रवि के पहुंचने तथा बीटू की हत्या से जुड़े हैं। पुलिस की प्रारंभिक छानबीन में इन घटनाओं का क्रम सामने आया है। आगे की जानकारी से आरोपित और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार की पीड़ित परिवार से मुलाकात इस मामले का महत्वपूर्ण घटनाक्रम रही। उन्होंने कहा कि पुलिस परिवार के साथ है। उपलब्ध जानकारी में उनके इस आश्वासन के अतिरिक्त किसी विस्तृत बयान का उल्लेख नहीं है। इसलिए गिरफ्तारी की समयसीमा या अन्य कार्रवाई को लेकर उनकी ओर से किसी घोषणा का दावा नहीं किया जा सकता। परिवार से मुलाकात और समर्थन का भरोसा दिए जाने की जानकारी ही सामने आई है।
बीटू लवानिया की हत्या के मामले में फिलहाल पुलिस की शुरुआती छानबीन और आरोपों से घटनाक्रम की तस्वीर सामने आ रही है। देवा और रवि का जैकी तथा सोनू से विवाद, दोनों मित्रों का ढाबे पर आना और बीटू का उन्हें ऑटो में बैठाकर बात करना इसके प्रमुख हिस्से हैं। आरोप है कि धमकी देने के 20 मिनट बाद लौटे जैकी ने पिस्टल से बीटू की हत्या कर दी। पुलिस आयुक्त ने शनिवार को पीड़ित परिवार से मिलकर साथ होने का भरोसा दिया है।