बिजनौर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में मंगलवार को दिनदहाड़े एक प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात नजीबाबाद थाना क्षेत्र में हुई। स्कूल की छुट्टी के बाद घर लौट रहे शिक्षक नौशाद को विद्यालय से कुछ ही दूरी पर गोली मार दी गई। गंभीर रूप से घायल शिक्षक को अस्पताल ले जाया गया, जहां हालत नाजुक होने पर उन्हें उत्तराखंड के जौलीग्रांट स्थित अस्पताल के लिए रेफर किया गया। रास्ते में उनकी मौत हो गई।
वारदात के बाद घटनाक्रम ने उस समय और चौंका दिया जब गोली चलाने का आरोपी खुद नजीबाबाद कोतवाली पहुंच गया और पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। फिलहाल हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हुई है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।
मृत शिक्षक नौशाद मूल रूप से मंडावली थाना क्षेत्र के ग्राम सिकरौड़ा के रहने वाले थे। वह वर्तमान में राहुतपुर खुर्द में मकान बनाकर रह रहे थे और पुरुषोत्तमपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक के पद पर तैनात थे। मंगलवार को भी वह रोज की तरह स्कूल पहुंचे थे।
विद्यालय की छुट्टी होने के बाद नौशाद घर जाने के लिए निकले। उन्हें शायद अंदाजा भी नहीं था कि स्कूल से कुछ ही दूरी पर उनके साथ जानलेवा वारदात होने वाली है।
रिपोर्टों के अनुसार स्कूल से करीब **150 मीटर दूर रजवाहे के पास** एक युवक बाइक के साथ पहले से मौजूद था। जैसे ही शिक्षक वहां पहुंचे, युवक ने उन पर गोली चला दी।
गोली लगते ही नौशाद गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े। अचानक गोली चलने से आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
घायल शिक्षक को देखकर स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए आगे आए। उन्हें गंभीर हालत में नजीबाबाद स्थित एचएमएच अस्पताल पहुंचाया गया।
डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उत्तराखंड के जौलीग्रांट स्थित हिमालयन अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
इसके बाद परिजन और अन्य लोग उन्हें लेकर जौलीग्रांट के लिए रवाना हुए, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। रिपोर्ट के मुताबिक रास्ते में ही नौशाद ने दम तोड़ दिया।
एक अन्य रिपोर्ट में गोली शिक्षक के पेट में लगने की बात कही गई है। पुलिस की विस्तृत जांच और मेडिकल प्रक्रिया से घटना से जुड़े अन्य तथ्य और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाली बात आरोपी का व्यवहार रहा।
गोली चलाने के बाद वह फरार होकर लंबे समय तक छिपा नहीं रहा, बल्कि खुद नजीबाबाद कोतवाली पहुंच गया और पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया।
पुलिस ने आरोपी को तत्काल हिरासत में ले लिया।
अब उससे पूछताछ की जा रही है कि उसने शिक्षक को गोली क्यों मारी, दोनों के बीच पहले से कोई विवाद था या वारदात के पीछे कोई दूसरी वजह है।
फिलहाल पुलिस ने हत्या की वजह को लेकर कोई अंतिम दावा नहीं किया है।
इसलिए इस स्तर पर किसी निजी विवाद, रंजिश, लेनदेन या दूसरे कारण को हत्या की निश्चित वजह बताना उचित नहीं होगा।
जांच के बाद ही हत्या का वास्तविक कारण सामने आएगा।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने वारदात स्थल से भी जानकारी जुटाई। आसपास के लोगों से पूछताछ और घटना से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।
नजीबाबाद कोतवाली प्रभारी अमित कुमार के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि आरोपी ने आत्मसमर्पण कर दिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के सामने अब कई सवाल हैं।
आरोपी स्कूल से करीब 150 मीटर दूर शिक्षक का इंतजार क्यों कर रहा था?
क्या उसे शिक्षक के स्कूल से निकलने के समय की जानकारी थी?
वारदात में इस्तेमाल हथियार कहां से आया?
आरोपी और मृत शिक्षक एक-दूसरे को पहले से जानते थे या नहीं?
हत्या के पीछे तत्काल कोई विवाद था या पहले से कोई कारण मौजूद था?
इन सवालों के जवाब पूछताछ और जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे।
घटना के बाद शिक्षक नौशाद के विद्यालय और आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल है। दिनदहाड़े शिक्षक की हत्या की खबर सामने आने के बाद शिक्षा विभाग से जुड़े लोगों और स्थानीय निवासियों में भी घटना को लेकर चर्चा है।
रिपोर्ट के मुताबिक नौशाद की हत्या से बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में तैनात शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ उनके विद्यालय के विद्यार्थियों में भी शोक है।
स्कूल की छुट्टी के तुरंत बाद हुई वारदात ने सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
विद्यालय से महज करीब 150 मीटर की दूरी पर शिक्षक पर गोली चलाई गई। आरोपी कथित तौर पर बाइक के साथ पहले से वहां मौजूद था।
हालांकि घटना के तरीके को देखते हुए यह पूर्व नियोजित हमला था या नहीं, इस पर पुलिस की आधिकारिक जांच का इंतजार करना जरूरी है।
केवल आरोपी के पहले से मौके पर मौजूद होने के आधार पर अभी कोई अंतिम निष्कर्ष निकालना ठीक नहीं होगा।
पुलिस आरोपी के बयान के साथ परिस्थितिजन्य और दूसरे उपलब्ध सबूतों की जांच कर सकती है।
आरोपी ने खुद सरेंडर किया है, लेकिन आत्मसमर्पण करने भर से मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती।
पुलिस को हत्या की वजह, हथियार, घटनास्थल और घटनाक्रम की पूरी कड़ी स्थापित करनी होगी।
आरोपी के बयान का सत्यापन भी उपलब्ध सबूतों के आधार पर किया जाएगा।
इसके बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।
इस मामले में सोशल मीडिया पर फैलने वाली अपुष्ट जानकारियों से सावधान रहने की जरूरत है।
फिलहाल पुष्टि इतनी ही है कि नौशाद प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक थे, स्कूल की छुट्टी के बाद उन पर गोली चलाई गई, गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया और बाद में उनकी मौत हो गई। आरोपी ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है।
हत्या की वजह अभी सामने नहीं आई है।
ऐसे मामलों में अक्सर शुरुआती दौर में कई तरह के दावे सामने आने लगते हैं, लेकिन जांच पूरी होने से पहले उन्हें तथ्य के रूप में प्रकाशित करना गलत हो सकता है।
पुलिस की पूछताछ के बाद यह पता चल सकता है कि आरोपी का शिक्षक के साथ क्या संबंध था और उसने इतना गंभीर कदम क्यों उठाया।
नौशाद के मूल निवास और वर्तमान पते को लेकर उपलब्ध रिपोर्टों में बताया गया है कि वह मंडावली थाना क्षेत्र के ग्राम सिकरौड़ा के रहने वाले थे और वर्तमान में राहुतपुर खुर्द में रह रहे थे। वह पुरुषोत्तमपुर प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक थे।
मंगलवार की दोपहर स्कूल की छुट्टी उनके लिए आखिरी छुट्टी साबित हुई।
वह विद्यालय से घर के लिए निकले और कुछ ही दूरी पर उन पर हमला हो गया।
दिनदहाड़े हुई हत्या और उसके बाद आरोपी के सीधे थाने पहुंचकर सरेंडर करने के कारण यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है।
अब सबसे बड़ा सवाल हत्या के मकसद को लेकर है।
आरोपी से पूछताछ पूरी होने और पुलिस की ओर से विस्तृत खुलासा किए जाने के बाद ही यह साफ होगा कि शिक्षक नौशाद की हत्या क्यों की गई।
फिलहाल पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की पड़ताल जारी है।