आगरा। कमला नगर स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के कक्षा नौ के दो छात्र, जो स्वजन की डांट से नाराज होकर बिना बताए घर से चले गए थे, शुक्रवार देर रात हरिद्वार में सकुशल मिल गए। आगरा पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और हरिद्वार पुलिस की मदद से दोनों छात्रों को हर की पौड़ी से खोज निकाला। शनिवार को पुलिस दोनों छात्रों को सुरक्षित आगरा लेकर पहुंची और उन्हें उनके स्वजन के सुपुर्द कर दिया।
पुलिस के अनुसार, कमला नगर के कर्मयोगी निवासी प्रथम गुप्ता और एत्माद्दौला के हनुमान नगर निवासी अमोल गुप्ता गुरुवार को स्कूल की छुट्टी के बाद घर नहीं पहुंचे थे। शाम तक दोनों के घर नहीं लौटने पर परिवार वालों ने उनकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद भी जब दोनों छात्रों का कोई सुराग नहीं मिला तो स्वजन ने कमला नगर थाने पहुंचकर गुमशुदगी दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कमला नगर पुलिस ने छात्रों की तलाश के लिए तीन टीमें गठित कीं। पुलिस ने स्कूल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि दोनों छात्र स्कूल से निकलने के बाद राजा की मंडी बाजार पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने अपने कपड़े बदले और रेलवे स्टेशन की ओर चले गए।
इंस्पेक्टर कमला नगर पवन सैनी के अनुसार, एक छात्र अपने स्कूल बैग में पहले से कपड़े लेकर आया था। दोनों छात्रों के पास करीब डेढ़ हजार रुपये थे। स्कूल ड्रेस में राजा की मंडी बाजार पहुंचे दोनों छात्रों ने एक दुकान से कपड़े खरीदे और वहीं स्कूल यूनिफॉर्म बदलकर सामान्य कपड़े पहन लिए। इसके बाद दोनों ई-रिक्शा से कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचे।
पुलिस को कैंट रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज में दोनों छात्र स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस में बैठते हुए दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने ट्रेन के रूट और अन्य स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए। जांच में सामने आया कि दोनों छात्र मथुरा स्टेशन पर नहीं उतरे, बल्कि ट्रेन से दिल्ली के निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पहुंचे।
दिल्ली पहुंचने के बाद पुलिस ने वहां के सीसीटीवी कैमरों की जांच की। फुटेज में दोनों छात्र प्लेटफार्म संख्या चार से हरिद्वार जाने वाली ट्रेन में बैठते हुए दिखाई दिए। इससे पुलिस को उनके हरिद्वार जाने की पुष्टि हो गई। इसके बाद आगरा पुलिस ने तुरंत हरिद्वार पुलिस से संपर्क किया और दोनों छात्रों की तस्वीरें साझा कीं।
आगरा पुलिस की एक टीम को हरिद्वार भेजा गया। हरिद्वार पुलिस की सहायता से शुक्रवार देर रात दोनों छात्रों को हर की पौड़ी क्षेत्र से सुरक्षित बरामद कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि दोनों छात्र पूरी तरह सुरक्षित थे और उन्हें किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ था।
पूछताछ में छात्रों ने बताया कि वे पढ़ाई को लेकर स्वजन की डांट से नाराज हो गए थे। गुस्से में उन्होंने घर छोड़ने का फैसला किया और बिना किसी को बताए हरिद्वार चले गए। उनका कहना था कि वे हरिद्वार घूमने के बाद वापस घर लौटने वाले थे।
पुलिस ने दोनों छात्रों की काउंसलिंग की और उन्हें समझाया कि किसी भी परेशानी या नाराजगी की स्थिति में घर छोड़कर जाना सही कदम नहीं है। साथ ही पुलिस ने स्वजन को भी सलाह दी कि बच्चों को डांटने के बजाय उनकी बातों को समझने और प्यार से समझाने की कोशिश करें।
शनिवार को दोनों छात्रों को सकुशल देखकर उनके परिवार वालों ने राहत की सांस ली। परिजनों ने पुलिस का धन्यवाद किया और बच्चों के सुरक्षित वापस मिलने पर खुशी जताई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सीसीटीवी तकनीक और आपसी समन्वय के कारण दोनों छात्रों को जल्द खोजने में सफलता मिली।
इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि बच्चों के साथ संवाद बनाए रखना बेहद जरूरी है। छोटी-छोटी बातों पर बच्चों का भावनात्मक रूप से आहत होना उन्हें गलत फैसले लेने के लिए प्रेरित कर सकता है। ऐसे मामलों में परिवार और बच्चों के बीच विश्वास और बातचीत का माहौल बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है।