Sambhal समाचार: बीमा क्लेम फर्जीवाड़े में कसेगा बीमा, डीडी ने पुलिस से ली रिपोर्ट
बीमा क्लेम फर्जीवाड़े में कसेगा बीमा
Bahjoi.बहजोई (संभल)। बीमा क्लेम धोखाधड़ी करने वाले गिरोह पर शिकंजा और कसने वाला है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने संभल पुलिस से पूरी रिपोर्ट तलब की है। गिरोह क्लेम के नाम पर ठगी करने तक ही सीमित नहीं है। फर्जी शैक्षिक व मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने और हत्या को हादसा दिखाने का कारनामा भी सामने आया है। क्लेम धोखाधड़ी सौ करोड़ से अधिक पहुंच चुकी है। गिरोह उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड, बिहार, बंगाल और छत्तीसगढ़ समेत 12 राज्यों में फैला हुआ है। इस मामले में 52 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 50 फरार हैं। इन्हें भगोड़ा घोषित करने की भी तैयारी चल रही है। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई का कहना है कि उच्चाधिकारियों से अनुमति लेकर अभिलेख ईडी को उपलब्ध करा दिए जाएंगे। 18 जनवरी 2025 को पुलिस ने वाराणसी के ओंकारेश्वर मिश्रा और संभल के अमित को गिरफ्तार कर गिरोह का पर्दाफाश किया था। दोनों के पास से 11 लाख रुपये की नकदी और उनके मोबाइल से बीमा क्लेम की काफी जानकारी मिली थी
साथ ही 20 से अधिक एटीएम कार्ड भी मिले। पूछताछ के बाद गिरोह का परत दर परत पर्दाफाश हुआ। पुलिस ने 52 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें अनूपशहर (बुलंदशहर) की यस बैंक शाखा के दो कर्मचारी और बीमा धारकों का सत्यापन करने वाली कंपनी का संचालक भी शामिल है। गिरोह मृत और मरने वाले लोगों की बीमा पॉलिसी बनाकर फर्जी क्लेम करता था। मृतकों को दोबारा मृत दिखाकर क्लेम ले लिया जाता था। इसी तरह मरने वाले लोगों के मरने पर भी ऐसा किया जाता था। दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल और दिल्ली नगर निगम में इलाज के नाम पर मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने का मामला भी सामने आया है। दिल्ली नगर निगम की भूमिका को लेकर एक अधिवक्ता ने वहां के हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की है। संभल के अलावा अन्य जिलों में भी गिरोह के खिलाफ अब तक 17 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। 29 मृत्यु प्रमाण पत्र पूरी तरह फर्जी पाए गए हैं। कुछ में तारीखों से छेड़छाड़ की गई है। पुलिस के पूछने पर कई बीमा कंपनियों ने करोड़ों के बीमा क्लेम को संदिग्ध बताया है। इनके खिलाफ भी जांच चल रही है।