चित्रकूट : सीमावर्ती सतना और चित्रकूट क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश ने शनिवार को हालात बिगाड़ दिए। पहाड़ों से उतर रहे पानी के कारण क्षेत्र की प्रमुख नदियां और नाले उफान पर आ गए हैं। मंदाकिनी, बरदहा और वाल्मीकि नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, वहीं यमुना नदी का पानी भी करीब एक मीटर तक बढ़ गया है।

बारिश और बढ़ते जलस्तर के बीच मारकुंडी क्षेत्र में स्थित टिकरिया डोंडा बांध को लेकर भी चिंता बढ़ गई। बांध के लबालब भरने के बाद गेट के पास से पानी का रिसाव शुरू हो गया, जिससे आसपास के ग्रामीणों में दहशत फैल गई। बांध टूटने की आशंका को देखते हुए कई गांवों के लोगों ने सुरक्षित स्थानों की ओर जाना शुरू कर दिया।

नदियों में बढ़ा जलस्तर

लगातार बारिश के कारण क्षेत्र की छोटी-बड़ी नदियों में पानी की आवक बढ़ गई है। मंदाकिनी, बरदहा और वाल्मीकि नदी उफान पर हैं। नदी किनारे बसे इलाकों में प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है।

इसके अलावा यमुना नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। अधिकारियों के अनुसार, यमुना का पानी करीब एक मीटर तक बढ़ चुका है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

टिकरिया डोंडा बांध में रिसाव से बढ़ी चिंता

मारकुंडी क्षेत्र के टिकरिया डोंडा बांध में पानी भरने के बाद स्थिति चिंताजनक हो गई। बताया जा रहा है कि बांध के गेट के पास से पानी निकलने लगा, जिसके बाद आसपास के ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया।

ग्रामीणों को आशंका थी कि अगर रिसाव बढ़ा तो बांध टूट सकता है और आसपास के गांवों में पानी भर सकता है।

स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल कदम उठाए और प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखनी शुरू कर दी।

चार गांवों के ग्रामीणों ने खाली किए घर

बांध टूटने की आशंका को देखते हुए डोंडा माफी, लल्लू का पुरवा, चौकी पुरवा और अहिरान की बस्तियों के ग्रामीणों ने एहतियात के तौर पर अपने घर खाली कर दिए।

लोग अपने परिवार और जरूरी सामान के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए। ग्रामीणों का कहना है कि पानी बढ़ने के कारण उन्हें किसी बड़े खतरे की आशंका थी, इसलिए उन्होंने समय रहते गांव छोड़ना उचित समझा।

प्रशासन ने संभाला मोर्चा

बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक टीमें सक्रिय हो गई हैं। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और ग्रामीणों को सुरक्षित रहने की सलाह दी।

आपदा प्रबंधन टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है। जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव अभियान चलाने की तैयारी की गई है।

निचले इलाकों में बढ़ा खतरा

लगातार बारिश के कारण नदी-नालों के आसपास बसे निचले इलाकों में खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी और नालों के पास जाने से बचें।

विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

बारिश ने जनजीवन किया प्रभावित

भारी बारिश का असर आम जनजीवन पर भी पड़ा है। कई स्थानों पर रास्तों पर पानी भरने और आवागमन प्रभावित होने की स्थिति बनी हुई है।

ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।

बांध की स्थिति पर निगरानी जारी

अधिकारियों के अनुसार, टिकरिया डोंडा बांध की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। तकनीकी टीमों को मौके पर लगाया गया है ताकि रिसाव की स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।

प्रशासन का कहना है कि लोगों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां पूरी हैं।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

मौसम विभाग की ओर से भी आने वाले समय में बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

फिलहाल सतना और चित्रकूट क्षेत्र में बारिश और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। नदियों और बांधों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

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