200 और 500 के नकली नोटों का खेल पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा
नकली नोटों की सप्लाई
कासगंज: उत्तर प्रदेश के कासगंज में नकली भारतीय करेंसी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सोरों पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने एक लाख रुपये के नकली नोटों के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 500-500 रुपये के कुल 200 जाली नोट बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में नकली नोटों की सप्लाई और इसके नेटवर्क को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आने की बात कही जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जाली करेंसी आखिर कहां तैयार हो रही थी और इसे किन-किन इलाकों में खपाया जाना था।
मेला ग्राउंड के पास दबोचे गए आरोपी
पुलिस के मुताबिक अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान सोरों पुलिस और एसओजी टीम को नकली नोटों से जुड़े लोगों के बारे में सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने सोरों कस्बे के मेला ग्राउंड के पास कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उनके पास बड़ी मात्रा में नकली भारतीय मुद्रा बरामद हुई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रूपकिशोर उर्फ राजू, निवासी सिकंदराबाद थाना मुजरिया और गोविंद, निवासी भगवंतपुर थाना ढोलना के रूप में हुई है। दोनों से पूछताछ कर पुलिस नकली नोटों के पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
एक लाख रुपये के जाली नोट बरामद
पुलिस ने आरोपियों से 500 रुपये के 200 नकली नोट बरामद किए हैं, जिनकी कुल फेस वैल्यू एक लाख रुपये है। पुलिस ने बरामद नोटों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों के खिलाफ सोरों थाने में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया और उन्हें अदालत के सामने पेश किया गया।
उत्तराखंड कनेक्शन की जांच
रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस नकली नोटों के नेटवर्क के संभावित अंतरराज्यीय कनेक्शन की भी पड़ताल कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बरामद करेंसी कहां से लाई गई और इसकी अगली खेप किसे दी जानी थी। मामले में उत्तराखंड तक सप्लाई किए जाने के एंगल की भी जांच की जा रही है। पुलिस के लिए सबसे बड़ा सवाल नकली नोट तैयार करने वाले मुख्य स्रोत तक पहुंचना है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों के मोबाइल, संपर्कों और पुराने रिकॉर्ड के आधार पर उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सकती है।
पहले भी सामने आ चुका है अंतरराज्यीय नेटवर्क
नकली नोटों का मामला कासगंज और आसपास के क्षेत्रों के लिए नया नहीं है। मई 2026 में अलीगढ़ पुलिस ने एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों से 7.70 लाख रुपये के नकली 500 रुपये के नोट बरामद किए थे। उस गिरोह के कुछ आरोपियों के तार भी कासगंज से जुड़े थे और पुलिस ने नेटवर्क के कई राज्यों में सक्रिय होने की बात कही थी। हालांकि मौजूदा कासगंज मामले का उस गिरोह से सीधा संबंध अभी स्थापित नहीं हुआ है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि दोनों मामलों के बीच कोई कड़ी है या यह अलग नेटवर्क है।
200 और 500 के नोटों की भी पड़ताल
पुलिस जाली करेंसी के नेटवर्क में अलग-अलग मूल्यवर्ग के नोटों की सप्लाई से जुड़े इनपुट भी खंगाल रही है। फिलहाल कासगंज में हुई ताजा बरामदगी में आधिकारिक तौर पर 500 रुपये के नकली नोट मिलने की पुष्टि हुई है। पुलिस की आगे की जांच का फोकस इस बात पर रहेगा कि नोट कहां छापे गए, आरोपियों तक कैसे पहुंचे और इन्हें बाजार में खपाने के लिए कौन-कौन लोग सक्रिय थे। नेटवर्क में अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।