नोएडा। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL) की बिजली व्यवस्था में आई तकनीकी समस्या के कारण नोएडा के सेक्टर-63 डी में औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित हो गईं। 11 हजार केवी की अंडरग्राउंड बिजली केबल कटने से करीब 1500 औद्योगिक इकाइयों में विद्युत आपूर्ति ठप हो गई।

बिजली आपूर्ति बाधित होने से कई फैक्ट्रियों में उत्पादन कार्य रुक गया। कुछ इकाइयों ने जेनरेटर की मदद से काम शुरू करने का प्रयास किया, लेकिन बिजली संकट के कारण उद्योगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

चार घंटे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रहने से करीब दो हजार करोड़ रुपये के उत्पादन पर असर पड़ने का अनुमान लगाया गया है।

सुबह से ठप रही बिजली आपूर्ति

जानकारी के अनुसार, सेक्टर-63 डी में बुधवार सुबह से ही बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। जांच के दौरान पता चला कि 11 केवी की अंडरग्राउंड केबल क्षतिग्रस्त हो गई है।

केबल कटने के कारण क्षेत्र में औद्योगिक ब्रेकडाउन की स्थिति बन गई। बिजली नहीं होने से कई कंपनियों में मशीनें बंद हो गईं और कर्मचारियों को काम में परेशानी हुई।

औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहां बड़ी संख्या में फैक्ट्रियां और उत्पादन इकाइयां संचालित होती हैं।

1500 औद्योगिक इकाइयां प्रभावित

बिजली संकट का सबसे अधिक असर सेक्टर-63 डी की औद्योगिक इकाइयों पर पड़ा। करीब 1500 इकाइयों में काम प्रभावित होने की बात सामने आई है।

कई कंपनियों ने वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में जेनरेटर चलाकर उत्पादन शुरू करने की कोशिश की, लेकिन सभी इकाइयों में यह संभव नहीं हो सका।

उद्योग संचालकों के अनुसार, अचानक बिजली आपूर्ति बंद होने से उत्पादन प्रक्रिया बाधित हुई और कर्मचारियों का समय भी प्रभावित हुआ।

दो हजार करोड़ रुपये के उत्पादन पर असर का अनुमान

औद्योगिक क्षेत्र में लंबे समय तक बिजली बाधित रहने से आर्थिक नुकसान की आशंका जताई गई है।

उद्योग जगत के अनुमान के मुताबिक, करीब चार घंटे तक बिजली बाधित रहने से लगभग दो हजार करोड़ रुपये के उत्पादन पर असर पड़ सकता है।

हालांकि वास्तविक नुकसान का आकलन बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल होने और उत्पादन शुरू होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

खोदाई के दौरान कटी केबल

पीवीवीएनएल के अधीक्षण अभियंता विवेक पटेल ने बताया कि सेक्टर-63 डी ब्लॉक में प्राधिकरण की ओर से नाला निर्माण और खोदाई का कार्य किया जा रहा था।

इसी दौरान अंडरग्राउंड बिजली केबल क्षतिग्रस्त हो गई, जिसके कारण बिजली आपूर्ति बाधित हुई।

उन्होंने बताया कि केबल में आई खराबी को दूर करने के लिए टीम को मौके पर लगाया गया और जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया गया।

बिजली निगम ने शुरू किया मरम्मत कार्य

केबल कटने की जानकारी मिलते ही पीवीवीएनएल की टीम सक्रिय हो गई। कर्मचारियों ने खराबी वाले स्थान की पहचान कर मरम्मत का काम शुरू किया।

अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी टीम लगातार काम कर रही है ताकि औद्योगिक क्षेत्र में बिजली आपूर्ति जल्द सामान्य की जा सके।

निगम की ओर से जल्द बिजली बहाल होने का दावा किया गया।

उद्योगों ने जताई परेशानी

बिजली बाधित होने से उद्योग संचालकों में नाराजगी भी देखने को मिली। उनका कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र में निर्बाध बिजली आपूर्ति बेहद जरूरी है।

अचानक बिजली कटने से मशीनें बंद हो जाती हैं और उत्पादन प्रक्रिया प्रभावित होती है। इससे समय और संसाधन दोनों का नुकसान होता है।

उद्योगों ने मांग की है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भूमिगत लाइनों और निर्माण कार्यों के दौरान बेहतर समन्वय किया जाए।

निर्माण कार्यों में सावधानी की जरूरत

इस घटना के बाद बिजली लाइनों के आसपास होने वाले निर्माण और खोदाई कार्यों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि अंडरग्राउंड केबल और अन्य उपयोगी सेवाओं की जानकारी लेकर ही खुदाई का काम किया जाना चाहिए, ताकि ऐसी समस्याओं से बचा जा सके।

प्राधिकरण और बिजली विभाग के बीच बेहतर तालमेल होने से भविष्य में इस तरह के व्यवधान को कम किया जा सकता है।

जल्द सामान्य होने की उम्मीद

फिलहाल पीवीवीएनएल की टीम क्षतिग्रस्त केबल की मरम्मत में जुटी है। निगम का कहना है कि जल्द ही बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।

औद्योगिक क्षेत्र के कारोबारी अब बिजली व्यवस्था बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि रुका हुआ उत्पादन फिर से शुरू हो सके।

सेक्टर-63 की यह घटना औद्योगिक क्षेत्रों में मजबूत बिजली व्यवस्था और निर्माण कार्यों के दौरान सावधानी की जरूरत को एक बार फिर सामने लाती है।

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