मथुरा। एक महिला बैंककर्मी को कथित रूप से अश्लील चैट भेजने, लगातार संपर्क करने, मानसिक दबाव बनाने और सरकार बनने पर आईएएस बनवाने का झांसा देने के आरोप में समाजवादी पार्टी अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश महासचिव राजन रिजवी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। महिला की ओर से दिए गए प्रार्थना-पत्र के आधार पर कोतवाली पुलिस ने राजन रिजवी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामला सामने आने के बाद पार्टी के संगठनात्मक स्तर पर भी कार्रवाई की गई है। अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद शकील नदवी ने राजन रिजवी को प्रदेश महासचिव के पद से हटा दिया है।
पुलिस को दी गई शिकायत में महिला बैंककर्मी ने राजन रिजवी पर काफी समय से उसे परेशान करने और असहज करने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। महिला के मुताबिक वह स्टेट बैंक चौराहा स्थित एक बैंक में कार्यरत है। आरोप है कि राजन रिजवी ग्राहक के रूप में बैंक में आता था और इस दौरान महिला के आसपास रहने तथा बातचीत करने के बहाने तलाशता था। महिला का कहना है कि धीरे-धीरे उसके व्यवहार से वह असहज महसूस करने लगी।
शिकायत के अनुसार, राजन रिजवी ने किसी माध्यम से महिला का निजी मोबाइल नंबर हासिल कर लिया। इसके बाद उसने मोबाइल फोन के जरिए महिला से संपर्क करना शुरू किया। महिला ने जब उसके संपर्क और बातचीत का विरोध किया तो कथित तौर पर उस पर दबाव बनाया गया। महिला का आरोप है कि विरोध करने पर उसे कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) निकलवाने की धमकी दी गई। इससे वह मानसिक रूप से परेशान होने लगी।
महिला ने पुलिस को दिए प्रार्थना-पत्र में आरोप लगाया है कि राजन रिजवी ने उसे मोबाइल पर आपत्तिजनक और अश्लील चैट भी भेजी। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि नेता ने राजनीतिक प्रभाव का हवाला देते हुए महिला को भविष्य में सरकार बनने पर आईएएस बनवाने का झांसा दिया। महिला के अनुसार, इस तरह के कथित आश्वासनों और लगातार संपर्क के प्रयासों के बावजूद उसने संबंध या बातचीत आगे बढ़ाने में रुचि नहीं दिखाई।
महिला ने आरोप लगाया कि उसके विरोध के बाद भी संपर्क करने की कोशिशें जारी रहीं और कथित धमकियों के कारण वह मानसिक दबाव में आ गई। इसके बाद उसने मामले की शिकायत पुलिस से करने का फैसला लिया। महिला के प्रार्थना-पत्र पर कोतवाली पुलिस ने राजन रिजवी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और शिकायत में लगाए गए आरोपों से जुड़े साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है।
पद से हटाए गए राजन रिजवी
मामला दर्ज होने के बाद समाजवादी पार्टी अल्पसंख्यक सभा ने भी संगठनात्मक कार्रवाई की। सभा के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद शकील नदवी ने राजन रिजवी को प्रदेश महासचिव के पद से हटा दिया। संगठन की ओर से की गई इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक हलकों में भी मामला चर्चा में आ गया है।
हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान आरोपों की पुष्टि होना अभी बाकी है। मुकदमा दर्ज होना अपने आप में आरोपों के सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है। पुलिस अब महिला द्वारा लगाए गए आरोपों, मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच कर सकती है। जांच के निष्कर्ष और आगे की कानूनी कार्रवाई के आधार पर मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।
पुलिस जांच पर टिकी निगाहें
मामले में महिला बैंककर्मी की शिकायत को पुलिस ने गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकी दर्ज की है। शिकायत में कथित अश्लील संदेश भेजने, निजी मोबाइल नंबर हासिल कर संपर्क करने, धमकी देने और आईएएस बनवाने का झांसा देने जैसे आरोप लगाए गए हैं। अब जांच एजेंसियों के सामने इन आरोपों से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक और अन्य साक्ष्यों की जांच महत्वपूर्ण होगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में मोबाइल चैट, कॉल डिटेल, संदेशों के स्क्रीनशॉट और अन्य डिजिटल साक्ष्य जांच का अहम हिस्सा हो सकते हैं। हालांकि किसी भी डिजिटल सामग्री की प्रामाणिकता और उसके संदर्भ की पुष्टि जांच के दौरान ही की जा सकती है।
फिलहाल कोतवाली पुलिस द्वारा दर्ज मुकदमे के बाद मामले की जांच शुरू हो गई है। वहीं, संगठन की ओर से राजन रिजवी को पद से हटाए जाने के बाद यह मामला राजनीतिक स्तर पर भी महत्वपूर्ण हो गया है। अब पुलिस की जांच और सामने आने वाले साक्ष्यों से ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के संबंध में आगे क्या कार्रवाई होती है।