लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश और गुजरात सरकारों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दोनों राज्यों की सरकारों पर भ्रष्टाचार, प्रशासनिक अव्यवस्था और आपसी खींचतान के आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा का चर्चित "डबल इंजन" मॉडल अब "ट्रबल इंजन" में बदल चुका है। अखिलेश यादव ने यह टिप्पणी राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्रावासों की व्यवस्थाओं पर जताई गई चिंता के बाद की।
अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राज्यपाल के संबोधन का वीडियो साझा करते हुए भाजपा सरकार को घेरने की कोशिश की। उन्होंने लिखा कि "गोरखपुर मॉडल" की सच्चाई सामने आ रही है और इसके साथ ही "गुजरात मॉडल" पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों राज्यों में भाजपा की सरकार होने के बावजूद भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही समान रूप से दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि जब सरकार के भीतर ही तालमेल नहीं है तो डबल इंजन सरकार का दावा भी कमजोर पड़ जाता है।
सपा प्रमुख ने कहा कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था, शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक ढांचे को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर शिक्षा संस्थानों और सार्वजनिक सेवाओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि जनता अब वास्तविकता समझ चुकी है और सरकार की कार्यशैली पर सवाल पूछ रही है।
यह पूरा विवाद उस समय सामने आया जब उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल गोरखपुर स्थित दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने पहुंचीं। समारोह के दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय के छात्रावासों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने छात्रावासों में साफ-सफाई, भोजन की गुणवत्ता और अन्य व्यवस्थाओं पर असंतोष व्यक्त किया। राज्यपाल ने यह भी कहा कि प्रदेश के कई विश्वविद्यालयों के हॉस्टलों तक नशीले पदार्थ पहुंचने की शिकायतें मिल रही हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है।
राज्यपाल ने अधिकारियों को तीन महीने के भीतर व्यवस्थाओं में सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने खाद्य सुरक्षा विभाग को मौके पर बुलाकर भोजन के नमूने जांच के लिए लेने को कहा। साथ ही उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि जांच प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष रहे। इसी उद्देश्य से उन्होंने कुछ नमूने लखनऊ भी भेजने के निर्देश दिए ताकि दोनों स्थानों पर जांच रिपोर्ट की तुलना की जा सके। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट कुलपति को सौंपी जाएगी और उसके आधार पर आवश्यक कार्रवाई होगी।
राज्यपाल के इसी बयान को आधार बनाकर अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब स्वयं राज्यपाल सार्वजनिक मंच से विश्वविद्यालयों की बदहाल व्यवस्था और नशे जैसी गंभीर समस्या का उल्लेख कर रही हैं तो सरकार के विकास संबंधी दावों की वास्तविकता सामने आ जाती है।
हालांकि भाजपा ने भी अखिलेश यादव के आरोपों का तुरंत जवाब दिया। पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक पोस्ट जारी कर समाजवादी पार्टी की पूर्ववर्ती सरकार और वर्तमान भाजपा सरकार की तुलना प्रस्तुत की। भाजपा ने दावा किया कि सपा शासनकाल में प्रदेश दंगों, अपराध और माफिया गतिविधियों के लिए जाना जाता था, जबकि वर्तमान सरकार के दौरान कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है और प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर, डेटा कॉरिडोर, एक्सप्रेसवे तथा बड़े निवेश जैसे विकास कार्य तेजी से आगे बढ़े हैं।
भाजपा ने अपने संदेश में कहा कि उत्तर प्रदेश आज निवेश, औद्योगिक विकास और बुनियादी ढांचे के विस्तार के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि विपक्ष जनता का ध्यान विकास कार्यों से हटाने के लिए राजनीतिक बयानबाजी कर रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो सकता है। शिक्षा, कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और विकास जैसे मुद्दे आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति के केंद्र में रहने की संभावना है। राज्यपाल के बयान के बाद शुरू हुआ यह विवाद भी अब राजनीतिक बहस का बड़ा विषय बन गया है, जिसमें दोनों प्रमुख दल एक-दूसरे पर लगातार हमलावर हैं।