लखनऊ: सितंबर में अपेक्षाकृत कम तापमान और वातावरण में लगातार बनी नमी इस बार गुलाबी सर्दी की दस्तक जल्दी करा सकती है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून की विदाई के साथ ही अक्टूबर से रात के तापमान में धीरे-धीरे गिरावट शुरू होने के आसार हैं। दिन के समय धूप और उमस के कारण गर्मी परेशान कर सकती है, लेकिन सुबह और रात का मौसम अपेक्षाकृत ठंडा और खुशगवार रहने की संभावना है। मौसम में होने वाला यह बदलाव आने वाले दिनों में साफ तौर पर महसूस किया जा सकता है।

सितंबर के दौरान तापमान में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी नहीं होने और वातावरण में नमी बने रहने से मौसम का मिजाज सामान्य से कुछ अलग दिखाई दे रहा है। आमतौर पर मानसून की वापसी के बाद कुछ समय तक उमस और गर्मी का असर बना रहता है, लेकिन इस बार रात के तापमान में अपेक्षाकृत जल्दी गिरावट आने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में अक्टूबर की शुरुआत से ही सुबह और देर रात हल्की ठंड का अहसास होने लग सकता है।

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक दिन और रात के तापमान के बीच अंतर भी बढ़ सकता है। दिन में तेज धूप निकलने पर लोगों को गर्मी महसूस होगी, जबकि सूर्यास्त के बाद तापमान तेजी से नीचे जा सकता है। खासतौर पर खुले और ग्रामीण इलाकों में रात के समय ठंडक का असर शहरी क्षेत्रों की तुलना में अधिक महसूस हो सकता है। अक्टूबर आगे बढ़ने के साथ न्यूनतम तापमान में और कमी आने की संभावना रहेगी।

फिलहाल प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आई है। अधिकांश क्षेत्रों में बारिश का दौर थमने के बाद मौसम शुष्क बना हुआ है। अगले दो दिनों तक भी बड़े हिस्से में मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई गई है। इस दौरान आसमान साफ रहने और दिन में धूप निकलने से अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है। वातावरण में मौजूद नमी के कारण कुछ स्थानों पर उमस भी लोगों को परेशान कर सकती है।

हालांकि यह राहत ज्यादा लंबी नहीं रह सकती। गुरुवार से एक बार फिर मौसम में बदलाव के संकेत हैं। मौसम प्रणाली के प्रभाव से प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादलों की आवाजाही बढ़ सकती है और बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है। करीब तीन दिनों तक अलग-अलग इलाकों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश होने की संभावना बनी हुई है।

बारिश होने की स्थिति में दिन के तापमान में एक बार फिर गिरावट आ सकती है। बादल छाए रहने और बारिश के कारण धूप का असर कम होगा, जिससे अधिकतम तापमान नीचे जा सकता है। दूसरी तरफ वातावरण में नमी बढ़ने से सुबह और शाम के मौसम में बदलाव अधिक स्पष्ट दिखाई देगा। बारिश का दौर समाप्त होने के बाद आसमान साफ होने पर रात के तापमान में गिरावट की प्रक्रिया तेज हो सकती है।

मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर लोगों की दिनचर्या पर भी दिखाई देने लगेगा। अभी दिन में गर्मी के कारण पंखे और कूलर की जरूरत महसूस हो रही है, लेकिन देर रात और सुबह के समय मौसम धीरे-धीरे आरामदायक होने की उम्मीद है। अक्टूबर में प्रवेश करते ही रात की ठंडक बढ़ने से लोगों को गुलाबी सर्दी का अहसास होने लगेगा।

गुलाबी सर्दी उस मौसम को कहा जाता है जब न तो तेज ठंड पड़ती है और न ही गर्मी ज्यादा परेशान करती है। सुबह और शाम हल्की ठंड महसूस होती है, जबकि दिन का मौसम सामान्य रहता है। इस दौरान न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आती है और वातावरण में मौजूद नमी कम होने लगती है। इस बार सितंबर में बने मौसम के हालात को देखते हुए इसकी शुरुआत कुछ जल्दी होने के संकेत मिल रहे हैं।

मानसून की वापसी की प्रक्रिया भी तापमान के बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जैसे-जैसे बारिश की गतिविधियां कम होती हैं और आसमान साफ होने लगता है, रात में जमीन तेजी से अपनी गर्मी छोड़ती है। इससे न्यूनतम तापमान में कमी आने लगती है। अक्टूबर के दौरान यही प्रक्रिया धीरे-धीरे सर्दी की शुरुआत का रास्ता तैयार करती है।

आने वाले कुछ दिनों में मौसम दो अलग-अलग रंग दिखा सकता है। पहले दो दिन शुष्क मौसम और दिन में गर्मी का असर रहेगा, जबकि इसके बाद बारिश की संभावना से तापमान में फिर बदलाव देखने को मिल सकता है। इसके बाद अक्टूबर में रात के तापमान में गिरावट का सिलसिला शुरू होने के आसार हैं। ऐसे में दिन की गर्मी के बीच सुबह और रात की ठंडक लोगों को राहत दे सकती है और जल्द ही गुलाबी सर्दी का अहसास शुरू हो सकता है।

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