मंदिर की अंदरूनी जानकारी किसने पहुंचाई बाहर पुलिस को मिला अहम सुराग
दान चोरी की खबर किसने की लीक
अयोध्या: राम मंदिर में दान से जुड़ी चोरी के मामले की जांच में पुलिस को अहम सुराग मिला है। पुलिस अब उस व्यक्ति तक पहुंच गई है जिस पर मंदिर से संबंधित अंदरूनी जानकारी लीक करने का संदेह है। जांच में यह बात भी सामने आई है कि संबंधित व्यक्ति लखनऊ जाकर मामले से जुड़े एक शख्स से मिला था। पुलिस इस मुलाकात के उद्देश्य और दोनों के बीच हुई बातचीत की जानकारी जुटा रही है।
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने मंदिर की व्यवस्था से जुड़े लोगों और संदिग्धों के संपर्कों की पड़ताल शुरू की थी। जांच का मुख्य बिंदु यह पता लगाना है कि दान और उससे संबंधित गतिविधियों की जानकारी बाहरी लोगों तक कैसे पहुंची। पुलिस को आशंका है कि वारदात को अंजाम देने वालों को किसी ऐसे व्यक्ति से महत्वपूर्ण सूचना मिली हो सकती है जिसे अंदर की व्यवस्था की जानकारी थी। जांच के दौरान कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और संदिग्धों के आपसी संपर्कों को खंगाला गया। इसी दौरान पुलिस की जांच उस व्यक्ति तक पहुंची जिस पर गोपनीय सूचना बाहर पहुंचाने का संदेह जताया जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसने किस-किस व्यक्ति से संपर्क किया और क्या चोरी की योजना से पहले भी उसकी संदिग्ध लोगों से बातचीत हुई थी।
पुलिस जांच में लखनऊ कनेक्शन भी सामने आया है। बताया गया है कि संदिग्ध व्यक्ति लखनऊ में एक शख्स से मिलने गया था। इस मुलाकात ने जांच अधिकारियों का ध्यान खींचा है। पुलिस मुलाकात की तारीख, स्थान और उसके पीछे की वजह का पता लगाने के साथ यह जांच रही है कि इसका चोरी की घटना से कोई सीधा संबंध था या नहीं।
मामले में पुलिस जल्दबाजी में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय अलग-अलग कड़ियों को जोड़ रही है। सूचना लीक करने के संदेह में आए व्यक्ति की वास्तविक भूमिका भी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस उससे जुड़े अन्य लोगों और संभावित संपर्कों के बारे में जानकारी जुटा रही है। राम मंदिर जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल से जुड़ा मामला होने के कारण जांच को गंभीरता से आगे बढ़ाया जा रहा है। मंदिर परिसर में सुरक्षा के साथ दान की रकम और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी सतर्कता बरती जाती है। ऐसे में अंदरूनी जानकारी बाहर पहुंचने की आशंका को पुलिस महत्वपूर्ण मान रही है।
पुलिस की जांच का अगला फोकस लखनऊ में हुई मुलाकात और संदिग्ध के संपर्कों पर है। तकनीकी साक्ष्यों के साथ पूछताछ से मिली जानकारी का मिलान किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि सूचना किस स्तर पर लीक हुई और उसका चोरी की वारदात में कितना योगदान था।