यात्रियों को मिलेगी बेहतर सुविधा, यूपीएसआरटीसी में शामिल होंगी नई ई-बसें
Lucknow लखनऊ : उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल और यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) के बस बेड़े में 250 नई इलेक्ट्रिक बसों को शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।
सरकार के इस फैसले का उद्देश्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ प्रदूषण को कम करना और यात्रियों को बेहतर यातायात सुविधा उपलब्ध कराना है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से जहां एक ओर ईंधन पर होने वाला खर्च कम होगा, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस योजना पर कुल 425.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें से 400 करोड़ रुपये की धनराशि राज्य सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी, जबकि शेष 25.50 करोड़ रुपये की व्यवस्था उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम अपने आंतरिक संसाधनों से करेगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब इलेक्ट्रिक बसों की खरीद और संचालन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
योगी सरकार लगातार प्रदेश में परिवहन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है। इसी कड़ी में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक बसें शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन को नई दिशा देंगी और आम लोगों को आरामदायक यात्रा का विकल्प उपलब्ध कराएंगी।
नई इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े में शामिल होने से यात्रियों को कई फायदे मिलने की उम्मीद है। इलेक्ट्रिक बसें आधुनिक तकनीक से लैस होंगी और इनमें यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जरूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा इन बसों के संचालन से ध्वनि प्रदूषण और वायु प्रदूषण में भी कमी आएगी।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से भविष्य में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक टिकाऊ बनाया जा सकेगा। सरकार की योजना है कि धीरे-धीरे डीजल आधारित बसों पर निर्भरता कम की जाए और स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन को बढ़ावा दिया जाए।
उत्तर प्रदेश में बढ़ती आबादी और यातायात की जरूरतों को देखते हुए सार्वजनिक परिवहन के विस्तार की आवश्यकता लगातार महसूस की जा रही है। नई इलेक्ट्रिक बसों के आने से यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने के साथ ही परिवहन निगम की सेवाओं में भी सुधार होगा।
सरकार का कहना है कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ ऊर्जा और हरित परिवहन के विजन के अनुरूप है। उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं पहले से संचालित हैं और अब यूपीएसआरटीसी के बेड़े में इलेक्ट्रिक बसों को शामिल करना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद प्रदेश के विभिन्न शहरों और मार्गों पर इन इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की योजना तैयार की जाएगी। इससे यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन सेवा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। योगी सरकार के इस फैसले को प्रदेश की परिवहन व्यवस्था में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।