मैनपुरी: उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में प्रभारी प्रधानाध्यापक यशपाल सिंह की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक यशपाल की हत्या की साजिश उनके ही साथी रामपाल ने रची थी और इसके लिए दो लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। पुलिस ने देर रात मुठभेड़ के बाद हत्या में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ में एक आरोपी के पैर में गोली लगी है।
घटना 21 सितंबर की है। एलाऊ थाना क्षेत्र में 52 वर्षीय यशपाल सिंह स्कूल से घर लौट रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल यशपाल को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यशपाल सिंह उस्मानपुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय में तैनात थे और पहले भारतीय वायुसेना में भी सेवाएं दे चुके थे। हत्या के बाद साथी रामपाल ने भूमि विवाद को वजह बताते हुए अपने भाई रामवीर और भतीजों प्रशांत तथा अमित के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की जांच के लिए तीन टीमें गठित कीं। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को ऐसे सुराग मिले, जिनके आधार पर वारदात में दूसरे लोगों की भूमिका सामने आई।
गुरुवार देर रात सर्विलांस टीम, एंटी व्हीकल थेफ्ट टीम और एलाऊ पुलिस को सूचना मिली कि हत्याकांड में शामिल आरोपी इलाके में मौजूद हैं। पुलिस ने अजीतगंज पेट्रोल पंप के सामने निर्माणाधीन बाइपास रोड पर घेराबंदी की। पुलिस के अनुसार बाइक सवार आरोपियों ने टीम को देखकर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने तीन लोगों को पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अजय उर्फ शहंशाह निवासी बीबीपुर थाना सकरावा कन्नौज तथा शिवा और राजेश निवासी नगला गहियर मैनपुरी के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से 80 हजार रुपये नकद, एक बाइक और तमंचा बरामद करने का दावा किया है। घायल अजय को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में अजय ने बताया कि यशपाल सिंह की हत्या के लिए रामपाल ने दो लाख रुपये की सुपारी दी थी। आरोप है कि अजय ने शिवा और राजेश के साथ मिलकर 21 सितंबर को वारदात को अंजाम दिया। पुलिस का कहना है कि गांव रूई के पास स्थित विवादित जमीन को लेकर यह हत्या कराई गई। हालांकि ये पुलिस जांच में सामने आए आरोप हैं और इनकी न्यायिक पुष्टि होना बाकी है।
पुलिस के अनुसार हत्याकांड में कुल पांच लोगों की भूमिका सामने आई है। तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि कथित मुख्य साजिशकर्ता रामपाल और उसका एक अन्य साथी अभिषेक फरार हैं। दोनों की तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि उन्हें जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है। इस खुलासे के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है, क्योंकि जिस रामपाल ने शुरुआत में भूमि विवाद को लेकर दूसरे लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था, उसी पर अब हत्या की साजिश रचने का आरोप है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है।
Tags: