गाजियाबाद: मधुबन-बापूधाम के मोरटा क्षेत्र में अवैध शस्त्र फैक्टरी चलाने के मामले में फरार चल रहे 25 हजार के इनामी जावेद निवासी मयूर विहार डासना को क्राइम ब्रांच की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर 11 मार्च को डीसीपी नगर ने 25 हजार का इनाम घोषित किया था। उसके दूसरे साथियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

एडीसीपी अपराध पीयूष सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपी जावेद ने बताया कि वह पांचवीं तक पढ़ा है। उसके पिता नशे के आदी थे, जो नशे में रहकर परिवार के सदस्यों से मारपीट करते थे और घर में खर्चा भी नहीं देते थे। इसी कारण जब वह 10-12 वर्ष का था, तभी मां ने उसे उसकी मौसी के पास अपरकोट बुलंदशहर भेज दिया। मौसी के बेटों का खराद का काम था। वहां उसने खराद का काम सीख लिया। उसके मौसी के लड़के शाह फहद का मिलना जुलना ऐसे लोगों से हो गया जो अवैध असलहे बनाते थे। उसने भी उनके साथ खराद मशीन पर अवैध असलहा बनाना सीख लिया। शाह फहद ने अपना अवैध शस्त्रों को बनाने व उसकी सप्लाई करने का एक संगठित गिरोह बना लिया। गाजियाबाद में मोरटा में मशीनों के पुर्जे बनाने की एक फैक्टरी लगा ली। उस फैक्ट्री में अवैध शस्त्र बनाने का भी काम करने लगे। वहां वह खराद मशीन पर पिस्टल व तमंचे तैयार करता था। 2023 में इसके साथी शाह फहद, सादिक, शिवम को पुलिस ने फैक्टरी से गिरफ्तार किया था।

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