लखनऊ : गौतमपल्ली इलाके में स्थित चर्चित ला-मार्टिनियर ब्वायज इंटर कॉलेज में एक शिक्षक पर कक्षा नौ के छात्र के साथ व्हाट्सऐप पर अश्लील चैट करने का गंभीर आरोप लगा है। छात्र के पिता की शिकायत के बाद कॉलेज प्रशासन ने मामले की जांच कराई। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद कॉलेज के प्रिंसिपल की ओर से आरोपी शिक्षक नागेश शुक्ला के खिलाफ गौतमपल्ली थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस ने मामले चर्चा तेज हो गई है। नाबालिग छात्र से जुड़े इस मामले में पुलिस ने पॉक्सो एक्ट समेत अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। अब पुलिस शिकायत, जांच रिपोर्ट और उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है।

मामला सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन और अभिभावकों के बीच भी चर्चा तेज हो गई है। नाबालिग छात्र से जुड़े इस मामले में पुलिस ने पॉक्सो एक्ट समेत अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। अब पुलिस शिकायत, जांच रिपोर्ट और उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है।

पिता की शिकायत के बाद खुला मामला

जानकारी के मुताबिक, कक्षा नौ में पढ़ने वाले छात्र के पिता को शिक्षक की ओर से व्हाट्सऐप पर भेजे गए कथित आपत्तिजनक संदेशों के बारे में जानकारी हुई। इसके बाद उन्होंने कॉलेज प्रबंधन से शिकायत की और मामले की जांच कराने की मांग की।

छात्र के पिता की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए स्कूल के प्रिंसिपल ने मामले की आंतरिक जांच कराई। जांच के दौरान छात्र और शिक्षक के बीच हुई कथित व्हाट्सऐप बातचीत को भी जांच के दायरे में लिया गया। कॉलेज की जांच में शिक्षक पर लगाए गए आरोप सही पाए जाने की बात सामने आई है।

इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने मामले को दबाने के बजाय पुलिस को सूचना दी और आरोपी शिक्षक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए शिकायत दर्ज कराई।

POCSO एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस

गौतमपल्ली थाने में आरोपी शिक्षक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। नाबालिग से जुड़े यौन अपराधों के मामलों में पॉक्सो कानून के तहत कार्रवाई की जाती है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित चैट कब और कितने समय तक हुई तथा उसमें किस तरह की बातचीत की गई।

जांच में व्हाट्सऐप चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्य महत्वपूर्ण हो सकते हैं। पुलिस इन साक्ष्यों की जांच के साथ-साथ छात्र और उसके परिजनों से भी जानकारी जुटा सकती है। मामले से जुड़े अन्य लोगों से पूछताछ की संभावना भी बनी हुई है।

डिजिटल चैट की होगी जांच

पुलिस के सामने सबसे महत्वपूर्ण पहलू कथित व्हाट्सऐप चैट की वास्तविकता और उसकी पूरी परिस्थितियों को स्पष्ट करना है। डिजिटल माध्यम से हुई बातचीत के मामले में पुलिस इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर सकती है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि संबंधित नंबरों के बीच बातचीत हुई थी या नहीं और बातचीत का स्वरूप क्या था।

पुलिस यह भी जांच करेगी कि शिक्षक और छात्र के बीच पहले से किसी तरह का संपर्क था या नहीं। इसके अलावा कथित बातचीत की अवधि और उससे जुड़े अन्य तथ्यों को भी जांच में शामिल किया जा सकता है।

स्कूल प्रशासन ने दिखाई गंभीरता

मामले में कॉलेज प्रशासन की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। छात्र के पिता की शिकायत मिलने के बाद प्रिंसिपल ने जांच कराई और आरोप सही पाए जाने के बाद पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया गया। इससे स्पष्ट है कि मामला सामने आने के बाद कॉलेज प्रबंधन ने इसे गंभीरता से लिया।

शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षक और छात्रों के बीच संबंधों को लेकर स्पष्ट आचार संहिता और जिम्मेदार व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। खासतौर पर नाबालिग छात्रों से जुड़े मामलों में स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। ऐसे मामलों में किसी भी शिकायत की निष्पक्ष जांच और आवश्यक होने पर कानून के तहत कार्रवाई महत्वपूर्ण होती है।

छात्र की सुरक्षा पर भी नजर

मामला नाबालिग छात्र से जुड़ा होने के कारण उसकी पहचान और निजता की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है। पुलिस और प्रशासन को जांच के दौरान छात्र की पहचान सार्वजनिक होने से बचाने के लिए कानूनी प्रावधानों का पालन करना होगा।

परिजनों की शिकायत के बाद मामला पुलिस तक पहुंचने से अब इसकी जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगी। पुलिस यह भी सुनिश्चित करेगी कि छात्र से जुड़े संवेदनशील पहलुओं को सावधानी से संभाला जाए।

जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

फिलहाल पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कॉलेज की आंतरिक जांच में आरोप सही पाए जाने की बात सामने आई है, लेकिन मामले से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही पूरी तरह हो सकेगी। पुलिस कथित व्हाट्सऐप चैट, शिकायत और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।

ला-मार्टिनियर ब्वायज इंटर कॉलेज जैसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान में शिक्षक पर लगे इस तरह के गंभीर आरोप ने पूरे मामले को संवेदनशील बना दिया है। अब निगाहें पुलिस की जांच पर हैं। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। फिलहाल नाबालिग छात्र से जुड़े मामले में पुलिस हर पहलू की पड़ताल कर रही है और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

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