विदेश की नौकरी को कहा अलविदा गांव लौटकर खेती से बने लखपति
खेती का रास्ता करेले से सालाना 10 लाख की कमाई
देवरिया: विदेश में नौकरी और अच्छी कमाई का सपना लेकर हजारों युवा हर साल गांव छोड़कर बड़े शहरों और दूसरे देशों का रुख करते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश के देवरिया के एक किसान ने इसके उलट रास्ता चुना। दुबई की नौकरी छोड़कर गांव लौटे किसान ने आधुनिक तरीके से करेले की खेती शुरू की और अब सालाना करीब 10 लाख रुपये तक की कमाई कर रहे हैं। उनकी सफलता आसपास के किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रही है।
किसान ने विदेश में काम करने के दौरान अच्छी आमदनी हासिल की, लेकिन उनका मन अपने गांव और खेती से जुड़ा रहा। आखिरकार उन्होंने दुबई की नौकरी छोड़कर घर लौटने का फैसला किया। गांव आने के बाद पारंपरिक फसलों तक सीमित रहने के बजाय उन्होंने ऐसी सब्जी की खेती पर ध्यान दिया जिसकी बाजार में नियमित मांग बनी रहती है। इसके लिए उन्होंने करेले को चुना। शुरुआत में खेती को लेकर कई चुनौतियां सामने आईं, लेकिन धीरे-धीरे बेहतर बीज, सही सिंचाई और वैज्ञानिक तरीके अपनाकर उत्पादन बढ़ाने में सफलता मिली।
आधुनिक तरीके से शुरू की करेले की खेती
करेले की फसल में पौधों को सहारा देने के लिए मचान या जाल जैसी संरचना का इस्तेमाल किया जाता है। इससे बेल को फैलने के लिए पर्याप्त जगह मिलती है और फल जमीन के सीधे संपर्क में आने से बचते हैं। बेहतर देखभाल से उत्पादन और गुणवत्ता दोनों बढ़ाने में मदद मिलती है। किसान ने सिंचाई, खाद प्रबंधन और रोग नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया। फसल तैयार होने के बाद समय पर तुड़ाई और बाजार तक पहुंचाने की व्यवस्था बनाई। यही वजह रही कि धीरे-धीरे उनकी खेती व्यावसायिक रूप लेने लगी।
सालाना करीब 10 लाख की कमाई
करेले की खेती से अच्छी पैदावार मिलने के साथ बाजार में बेहतर कीमत मिलने से किसान की आमदनी बढ़ी। दावा है कि अब वह खेती के जरिए सालाना करीब 10 लाख रुपये तक की कमाई कर रहे हैं। हालांकि सब्जियों से होने वाली आय बाजार भाव, मौसम, उत्पादन लागत और फसल की पैदावार के अनुसार बदल सकती है। किसी एक किसान की कमाई को हर किसान के लिए निश्चित आय के रूप में नहीं देखा जा सकता।
दूसरे किसानों को भी मिली प्रेरणा
किसान की सफलता देखकर आसपास के लोग भी पारंपरिक गेहूं और धान के साथ सब्जियों तथा दूसरी नकदी फसलों की खेती में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। उनका उदाहरण बताता है कि खेती को बाजार की मांग और आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ा जाए तो गांव में भी रोजगार और आय के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं। सब्जी की खेती की खासियत यह है कि कई फसलों से अपेक्षाकृत कम समय में उत्पादन मिलना शुरू हो जाता है। हालांकि इसमें नियमित देखभाल, सिंचाई, कीट प्रबंधन और बाजार तक समय पर पहुंच बेहद महत्वपूर्ण है। दुबई की नौकरी छोड़कर गांव लौटने और करेले की खेती को आय का जरिया बनाने वाले इस किसान की कहानी अब इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। उनकी सफलता खेती को केवल पारंपरिक पेशा नहीं बल्कि व्यवस्थित व्यवसाय के रूप में अपनाने का संदेश भी देती है।