17.29 करोड़ के नकली नोट केस में NIA की जांच तेज, PA के घर खंगाले दस्तावेज
SSP कार्यालय पहुंचे NIA के अधिकारी
17.29 करोड़ के नकली नोट केस में NIA की जांच तेज, PA के घर खंगाले दस्तावेज
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की करेंसी चेस्ट से जुड़े 17.29 करोड़ रुपये के नकली नोट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अपनी जांच तेज कर दी है। निलंबित चेस्ट मैनेजर अमित कुमार की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा उससे जुड़े लोगों, संपत्तियों और दस्तावेजों तक बढ़ा दिया गया है।
इसी कड़ी में जांच टीम निलंबित चेस्ट मैनेजर के निजी सहायक आदेश कुमार के न्यू नंदपुरी स्थित आवास पर पहुंची। यहां टीम ने दस्तावेजों और अन्य कागजात की जांच की। बताया जा रहा है कि आदेश कुमार के नाम या उससे जुड़ी न्यू नंदपुरी क्षेत्र में कई संपत्तियों की जानकारी सामने आई है। जांच टीम ने स्थानीय लोगों से भी इन संपत्तियों के बारे में जानकारी जुटाई।
संपत्तियों के इस्तेमाल की जानकारी जुटा रही टीम
जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संबंधित संपत्तियों का इस्तेमाल किन उद्देश्यों के लिए किया जाता था और इनका नकली करेंसी मामले से कोई संबंध है या नहीं। निजी सहायक के आवास पर हुई कार्रवाई को जांच की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
NIA की जांच अब केवल इस सवाल तक सीमित नहीं है कि नकली नोट करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे। एजेंसी अमित कुमार से जुड़े लोगों, उसके संपर्कों, वित्तीय लेनदेन, दस्तावेजों और संपत्तियों की भी पड़ताल कर रही है।
जांच के दौरान मिले दस्तावेजों का विश्लेषण किया जा रहा है। माना जा रहा है कि इनसे मामले से जुड़े कुछ नए तथ्य सामने आ सकते हैं।
नकली नोटों की सप्लाई चेन की तलाश
एजेंसी नकली नोटों के संभावित स्रोत और सप्लाई नेटवर्क को भी खंगाल रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अलग-अलग मामलों में सामने आए नकली नोटों के स्रोत या उन्हें सप्लाई करने वाले नेटवर्क के बीच कोई संबंध है या नहीं।
सहारनपुर में नकली करेंसी को लेकर पहले भी मामले सामने आते रहे हैं। पुराने मामलों की जांच के दौरान पुलिस की टीमें अन्य शहरों तक पहुंची थीं। ऐसे में NIA अब पुराने मामलों और मौजूदा केस के बीच संभावित कनेक्शन की भी पड़ताल कर रही है।
SSP कार्यालय पहुंचे NIA के अधिकारी
जांच के सिलसिले में NIA की लखनऊ टीम के एसपी पुलिस लाइन स्थित SSP कार्यालय भी पहुंचे। यहां उन्होंने SSP अभिनंदन और SP सिटी व्योम बिंदल के साथ मामले को लेकर चर्चा की।
बैठक में अब तक की जांच में सामने आए तथ्यों, पुराने नकली नोट मामलों और आगे की कार्रवाई को लेकर जानकारी साझा की गई।
दो अन्य संदिग्धों तक पहुंचने की कोशिश
जांच एजेंसी दो अन्य आरोपियों या संदिग्धों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। जांच प्रभावित न हो, इसके लिए उनकी पहचान और संभावित कार्रवाई से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
मामले का सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में कथित नकली करेंसी आखिर PNB की करेंसी चेस्ट तक किस तरह और किस नेटवर्क के जरिए पहुंची।
विदेशी कनेक्शन की संभावना भी जांच के दायरे में
NIA नकली करेंसी नेटवर्क में संभावित विदेशी कनेक्शन के पहलू को भी जांच के दायरे में रख रही है। हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
एजेंसी डिजिटल रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन, संदिग्ध संपर्कों और संभावित आपराधिक नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि 17.29 करोड़ रुपये के कथित नकली नोटों के पीछे कितना बड़ा नेटवर्क सक्रिय था।