कांवड़ यात्रा से पहले मेरठ प्रशासन अलर्ट, मवाना गंगनहर पटरी मार्ग का निरीक्षण
मेरठ : सावन माह में होने वाली कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए मेरठ जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में मंगलवार को जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अविनाश पांडे ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ मवाना गंगनहर पटरी कांवड़ मार्ग का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने यात्रा मार्ग पर सुरक्षा, यातायात, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, सड़क मरम्मत और अन्य आवश्यक सुविधाओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी और एसएसपी ने निरीक्षण की शुरुआत शिव मंदिर रामराज से की। इसके बाद उन्होंने शाहपुर बटावली, मवाना नहर पुल, झारखंडी शिव मंदिर और शाहजहांपुर पुल सहित कांवड़ यात्रा के प्रमुख मार्गों का दौरा किया। इस दौरान अधिकारियों ने विभिन्न स्थानों पर मौजूद व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और मौके पर तैनात अधिकारियों से तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त हों।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने सड़क की स्थिति, मरम्मत कार्य और पेंचवर्क का विशेष रूप से निरीक्षण किया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां कहीं भी सड़क क्षतिग्रस्त है, वहां तत्काल मरम्मत कराई जाए ताकि कांवड़ियों को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग पूरी तरह समतल और सुरक्षित होना चाहिए।
इसके अलावा अधिकारियों ने शुद्ध पेयजल की उपलब्धता, मोबाइल टॉयलेट, जल निकासी व्यवस्था, बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था और साफ-सफाई का भी बारीकी से निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग पर पर्याप्त संख्या में पेयजल केंद्र स्थापित किए जाएं और मोबाइल शौचालयों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाएं पहले से तैयार रहनी चाहिए।
कांवड़ यात्रा के दौरान गंगनहर क्षेत्र में सुरक्षा को देखते हुए गोताखोरों और मोटरबोट की तैनाती की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि संवेदनशील स्थानों पर प्रशिक्षित गोताखोर हर समय मौजूद रहें और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मोटरबोट पूरी तरह तैयार रखी जाए। इसके साथ ही मेडिकल सहायता और आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों की भी समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश देते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारी अपने-अपने दायित्वों का समय पर निर्वहन करें और यात्रा शुरू होने से पहले सभी तैयारियां पूरी कर लें।
वहीं, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडे ने पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कांवड़ मार्ग पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाए। साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने, भीड़ प्रबंधन और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
एसएसपी ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों को भी कम से कम असुविधा हो, इसके लिए प्रभावी ट्रैफिक प्लान लागू किया जाएगा। सभी थाना प्रभारियों और पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने तथा लगातार गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कांवड़ यात्रा को लेकर सभी संबंधित विभागों को आवश्यक जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं और उनके क्रियान्वयन की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी इस यात्रा का आयोजन पूरी तरह सुरक्षित, सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संबंधित विभागों से समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा, ताकि किसी भी कमी को समय रहते दूर किया जा सके।