Lucknow: योगी सरकार की श्रावस्ती में सरकारी जमीनों की सुरक्षा के लिए अभिनव पहल
"भूमाफियाओं पर सख्त कार्रवाई"
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभालते ही भूमाफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए अवैध कब्जों से सरकारी जमीनों को मुक्त कराने का अभियान तेज कर दिया है। इसके तहत पूरे प्रदेश में 68 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि को कब्जा मुक्त कराया जा चुका है।
अब इन जमीनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोबारा अवैध कब्जे को रोकने के लिए श्रावस्ती जिले में एक नई पहल शुरू की गई है। मुख्यमंत्री योगी की मंशा के अनुरूप, श्रावस्ती के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने सरकारी जमीन की पहचान कर उस पर शिलापट (पट्टिका) लगाने की प्रक्रिया शुरू की है, जिस पर भूमि का पूरा विवरण दर्ज होगा। यह पहल पूरे प्रदेश के लिए रोल मॉडल बन सकती है।
सरकारी जमीनों पर लगेगा शिलापट, अवैध कब्जे पर होगी सख्त कार्रवाई
श्रावस्ती के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि जिले में सरकारी जमीनों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। अब खाली कराई गई जमीनों पर शिलापट लगाए जा रहे हैं, जिन पर यह स्पष्ट लिखा होगा कि यह भूमि सरकारी स्वामित्व की है और इस पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा गैरकानूनी होगा।
शिलापट पर दर्ज होगा भूमि का पूरा विवरण
भूमि का प्रकार
भूमि की श्रेणी
भूमि का रकबा
ग्राम सभा का नाम
गाटा संख्या
इस पहल से भूमाफियाओं और अवैध कब्जेदारों पर सख्त अंकुश लगेगा, क्योंकि जमीन का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रहेगा और कोई भी व्यक्ति गलत तरीके से मालिकाना हक नहीं जता सकेगा।
शिलापट हटाने या छेड़छाड़ करने पर होगी कानूनी कार्रवाई
डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि श्रावस्ती की तीन तहसीलों – इकौना, जमुनहा और भिनगा – में कुल 1,49,239 सरकारी गाटे हैं, जिनका कुल क्षेत्रफल 26,650.8177 हेक्टेयर है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर कोई व्यक्ति सरकारी जमीन पर लगे शिलापट को हटाने या उसमें छेड़छाड़ करने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ ‘लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम’ के तहत केस दर्ज किया जाएगा और जुर्माना भी लगाया जाएगा।
इस पहल से क्या होंगे फायदे
सरकारी जमीनों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
लोगों में जागरूकता बढ़ेगी कि ये जमीनें सरकारी संपत्ति हैं और इन पर कब्जा करना गैरकानूनी है।
भूमाफियाओं और अवैध कब्जेदारों पर लगाम लगेगी।
जमीन से जुड़े विवादों में कमी आएगी, क्योंकि लोगों को सरकारी और निजी संपत्ति में स्पष्ट अंतर समझ आएगा।
पूरे प्रदेश में लागू हो सकता है यह मॉडल
योगी सरकार श्रावस्ती की इस पहल को पूरे प्रदेश में लागू करने पर विचार कर रही है, ताकि प्रदेशभर में सरकारी जमीनों को सुरक्षित रखा जा सके और अवैध कब्जों को पूरी तरह खत्म किया जा सके।