लखनऊ: राजधानी लखनऊ में अवैध निर्माण को लेकर लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो गए हैं। एक मामले में अवैध निर्माण की शिकायत करने वाले व्यक्ति को ही एलडीए की ओर से नोटिस जारी कर दिया गया। यह मामला जनता अदालत में पहुंचा, जहां अधिकारियों के सामने लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं।
जनता अदालत में अवैध निर्माण, जमीन विवाद, नक्शा पास कराने, नामांतरण और अन्य समस्याओं से जुड़ी कुल 38 शिकायतें दर्ज की गईं। अधिकारियों ने लोगों की समस्याएं सुनते हुए संबंधित विभागों को जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए। बताया जा रहा है कि एक व्यक्ति ने क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माण की शिकायत एलडीए से की थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि नियमों को ताक पर रखकर निर्माण कार्य किया जा रहा है। लेकिन कार्रवाई की जगह उसे ही नोटिस जारी कर दिया गया। इस मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने जनता अदालत में अपनी बात रखी।
अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित रिकॉर्ड की जांच कराने और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायतकर्ता के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए और जांच के बाद ही उचित निर्णय लिया जाएगा।
जनता अदालत में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। कई लोगों ने अवैध कब्जे, भवन निर्माण नियमों के उल्लंघन और प्राधिकरण से जुड़ी अन्य परेशानियों की शिकायत की। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण के निर्देश दिए। एलडीए समय-समय पर शहर में अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान चलाता रहा है। इसके तहत बिना नक्शा पास कराए गए निर्माण और नियमों के विपरीत किए गए कामों पर कार्रवाई की जाती है। हालांकि शिकायतकर्ता को ही नोटिस दिए जाने के मामले ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शहर में बढ़ते अवैध निर्माण को रोकना एलडीए के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। नागरिकों का कहना है कि शिकायतों पर निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई जरूरी है, ताकि आम लोगों का प्रशासन पर भरोसा बना रहे। अब इस मामले में जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी कि नोटिस किस आधार पर जारी किया गया था और अवैध निर्माण की शिकायत पर आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।
Tags: